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धरने में कौंधी बिजली, गूंजा अवैध खनन

Jalaun Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौैन)। बुंदेलखंड को बिजली कटौती से मुक्त करने और बेतवा नदी से अवैध खनन बंद कराए जाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दूसरे चरण में सोमवार को धरना दिया गया। बुंदेलखंड संघर्ष समिति के बैनर तले माहिल तालाब स्थित सत्संग आश्रम पर दिए गए धरने में राजनीतिक, सामाजिक, व्यापारी, छात्र संगठनों के सैकड़ों लोग जुटे। इसमें एलान किया गया कि प्रदेश शासन ने यदि बुंदेलखंड को कटौती मुक्त क्षेत्र घोषित नहीं किया तो उपभोक्ता बिल न देने का आंदोलन शुरू करेंगे। व्यापारियों ने कहा कि शाम 7 बजे से बाजार बंदी का फरमान नहीं मानेंगे, चाहे जेल ही क्यों न जाना पड़े।
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धरना स्थल पर हुई सभा में संघर्ष समिति के जिला संयोजक एवं पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत कहा कि प्रदेश की सपा सरकार इटावा, कन्नौज, मैनपुरी को 24 घंटे बिजली देती है। दूसरी तरफ बुंदेलखंड के सात जिलों झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट के शहरी क्षेत्रों में दस से बारह घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में छह से आठ घंटे बिजली मिलती है। यह हालत तब है जब बुंदेलखंड हर दृष्टि से अति पिछड़ा है। यह सौतेला व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा। सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि 22 जून को आंदोलन के तीसरे चरण के बाद भी बात न बनी तो लोग बिजली के बिल भरना बंद कर देंगे। विभिन्न दलों के नेताओं ने हाथ उठाकर इसका समर्थन किया।
सीपीआई के नेता कैलाश पाठक बीमारी के बावजूद इस धरने में आए थे। उन्होंने कहा कि अपना हक पाने के जेल भी जाने को तैयार हैं। भाकियू के नेता बलराम सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्र के बिल 130 रुपए प्रति किलो वाट और ग्रामीण क्षेत्र के बिल 65 रुपए प्रति किलो वाट के हिसाब से बनते हैं। बुंदेलखंड अति पिछड़ा है। इसके बावजूद इस क्षेत्र के सभी सातों जिलों को विद्युत विभाग ने शहरी क्षेत्र में डाला हुआ है। इस मनमानी के खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा। जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामकुमार दीवौलिया ने कहा कि बुंदेलखंड को बिजली कटौती से निजात दिलाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश महामंत्री दिलीप सेठ ने कहा कि बिजली की किल्लत से उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं। इसके बाद भी सपा सरकार ने सात बजे के बाद बाजार बंद करने का ऐलान कर दिया जबकि ऐसी भीषण गर्मी में लोग छह बजे के बाद ही बाजार के लिए निकलते हैं। इस तुगलकी आदेश को व्यापारी नहीं मानेंगे। इसके लिए जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे।
कांग्रेेस के वरिष्ठ नेता सत्यपाल शर्मा, जनता दल यू के प्रदेश महामंत्री अमीन खान, समाजवादी चिंतक शैलेश, अन्ना के समर्थक अशोक गुप्ता महाबली ने भी इन मुद्दों पर आंदोलन तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। सभा में दिनेश मिश्रा, शिक्षक नेता गिरेंद्र सिंह, सत्यनारायण, रामप्रकाश मुखिया, सुनीता वर्मा, साहित्यकार कुमार गुप्त, भगवानदास राजपूत, प्रियंका वर्मा, मीना वर्मा, सुदर्शन राजपूत, मंजूूमन, आशा, विमला, कमला, चंद्रकली, कलावती आदि ने भी अपनी बात कही। सभा की अध्यक्षता रामकुमार दीवौलिया ने की। संचालन कांग्रेसी नेता रेहान सिद्दीकी ने किया।
बुंदेलखंड में बिजली की अघोषित कटौती के विरोध में संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन की तीसरा चरण 22 जून को प्रात: आठ से बारह बजे तक चलाया जाएगा। इस दौरान लोग चौराहों पर घंटा, घड़ियाल, थालियां बजाकर बिजली की अघोषित कटौती का विरोध करेंगे। इस पर भी बात न बनी तो संघर्ष समिति बैठक कर आंदोलन के अगले चरण की रणनीति बनाएगी।
जालौन शहर में बिजली अव्यवस्था के कारण पेयजल संकट पैदा हो गया है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण जलसंस्थान पेयजल आपूर्ति नहीं कर रहा है। इससे लोगों में हायतौबा मची है। हैंडपंपों पर महिलाओं व पुरुषों की लंबी लाइनें लगीं रहतीं हैं। नागरिकों ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
अपर जिलाधिकारी लोकपाल सिंह ने कहा कि यदि बुंदेलखंड संघर्ष समिति बिजली बिल न देने का जनांदोलन चलाएगी तो प्रशासन इस पर काबू पाने की रणनीति बनाएगा। एडीएम श्री सिंह ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के कारण आचार संहिता व धारा 144 लगी हुई है। कोई भी आंदोलन धरना प्रदर्शन बिना प्रशासन की अनुमति के किया जाएगा तो ऐसे लोगों या संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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