पाप बढ़ने पर अवतार लेते हैं भगवान

Jalaun Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
उरई (जालौन)। जब जब पृथ्वी पर अत्याचार, अनाचार, दुराचार बढ़ते हैं तब तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर दुष्टों का नाश करते हैं। यह बात आज माहिल तालाब पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक रामनरेश व्यास ने कही।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जब त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों से पृथ्वीवासी भयभीत रहने लगे तब भगवान ने अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम के रूप में जन्म लेकर रावण व उसके परिवार के समस्त राक्षसों का वध करके पृथ्वी को भयमुक्त किया। इसी तरह जब द्वापर युग में राक्षसराज कंस के अत्याचारों से लोग व्याकुल हो उठे तब भगवान नेे देवकी के गर्भ से जन्म लेकर उसका वध किया। श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए व्यास जी ने कहा कि जब आकाश वाणी को सुनकर कंस ने अपनी बहन देवकी व बहनोई वासुदेव को कारागार में डाल दिया। उसके बाद देवकी के गर्भ से उत्पन्न सात बच्चों की कंस ने हत्या कर दी। जब आठवां पुत्र देवकी के पैदा हुआ तो वह कृष्ण के रुप में भगवान का अवतार था। जैसे ही अष्टमी तिथि की मध्य रात्रि में भगवान का जन्म हुआ, उसी समय आकाश वाणी हुई कि बालक को नंद के घर पहुंचा कर उनकी कन्या को ले आओ। उसी समय जेल के फाटक अपने आप खुल गए। वासुदेव ने बालक कृष्ण को नदी पार कर नंदगांव में पहुंचा दिया।
कथा के दौरान श्रृद्धालु महिलाएं नृत्य करते हुए भगवान कृष्ण के भजन गाने लगीं। इसके अलावा व्यास जी ने कच्छप अवतार, समुद्र मंथन आदि की कथा का विस्तार से वर्णन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us