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महिलाओं ने उठाया माडल तालाब का बीड़ा

Jalaun Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौन)। जल की किल्लत को देखते हुए पानी पंचायत की महिलाओं ने तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए मुहिम शुरू की है। उन्होंने श्रमदान कर मल्लाहनपुर के तालाब को माडल तालाब बनाने का निर्णय लिया है।
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मल्लाहनपुरा टेल क्षेत्र का गांव है। इस गांव की आबादी लगभग तीन हजार है। निषाद केवट जाति बहुल गांव में नदी में पानी आने से पहले ही सूख जाता है। गांव में एक भी नलकूप नहीं है। गांव में चार कुएं हैं, जिनसे लगभग बीस वर्ष से पानी नहीं निकल रहा है। इसी तरह गांव में कुल 32 हैंडपंप हैं। नदी किनारे का गांव होने के बावजूद इस गांव में भूजल का स्तर काफी गहरा है। गर्मी के दिनों में अधिकांश हैंडपंपों में जलस्तर खिसककर आठ से दस फुट नीचे चला जाता है। गांव में एक एकड़ रकबे का तालाब है, जो अतिक्रमण के चलते सिकुड़ता चला जा रहा था। तालाब सूखा होने के कारण इस गांव के लगभग दो हजार पशुओं को पानी पिलाने के लिए गांव वालों को तीन किलोमीटर दूर पहुंज नदी ले जाना पड़ता है। पानी के लिए चूंकि सबसे ज्यादा परेशानी इस गांव की महिलाओं को ही उठाने पड़ती है। इसलिए उन्होंने परमार्थ समाजसेवी संस्था के सचिव संजय सिंह, पहुंज विकास मंच के अध्यक्ष नाथूराम बौद्ध, श्रीकृष्ण, संतोष और राघवेंद्र सिंह की सलाह पर महिला की पानी पर पहली हकदारी के नारे को लेकर गांव में पानी पंचायत का गठन किया। पानी पंचायत समिति की अध्यक्षता लौंगश्री, उपाध्यक्ष सोमवती समेत कुल 15 महिलाएं हैं। सबसे पहले इसी टीम ने मल्लाहनपुरा के इस तालाब की मुहिम 10 जून से शुरू की। अब पानी पंचायत की महिलाएं गांव के तालाब को जिले का माडल तालाब बनाने में जुटी हैं।
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