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शिक्षक के अपहरण में चार और पकड़े

Jalaun Updated Sat, 26 May 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौन)। पुलिस ने शिक्षक शिवकुमार सोनी के मुख्य अपहरणकर्ता समेत चार और लोगों को गिरफ्तार कर लिया, पर शिक्षक को अब तक बरामद नहीं कर सकी है। इन चार लोगों में एक पूर्व प्रधान व पत्रकार है जिसे शुक्रवार को इस कांड की जानकारी देने के लिए बुलाई गई एसपी की पत्रकार वार्ता के दौरान सरगना से शिनाख्त कराके गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस कांड से जुड़ी जो कहानी पेश कर रही है, उसमें छेद ही छेद हैं, मसलन- पूर्व प्रधान को सरगना ने पहचाना तो, पर पत्रकारों के पूछने पर उसका नाम नहीं बता पाया जबकि पुलिस का दावा है कि पूर्व प्रधान के कहने पर ही सरगना ने शिक्षक को अगवा किया था। बाकी तीन लोगों को कब, कहां और कैसे गिरफ्तार किया गया, इसका खुलासा भी एसपी ने नहीं किया। इस कांड में पहले भी पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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अभी जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें सरगना देवनपुरवा कुठौंद निवासी लक्ष्मी नारायण कढ़ेरे, ककहरा गांव निवासी पूर्व प्रधान व पत्रकार कृष्णपाल सिंह, राजस्थान के धौलपुर जिले के दोलनपुरा निवासी रामदास व यहीं के कप्तान सिंह हैं। शुक्रवार की सुबह पत्रकार वार्ता में एसपी नवनीत कुमार राणा ने घटना के तार से तार जोड़ते हुए बताया कि शिक्षक शिवकुमार सोनी का बीती 27 मार्च को चुर्खी रोड स्थित चकजगदेवपुर गांव के पास से सुबह तकरीबन नौ बजे स्कूल जाते वक्त अपहरण किया गया था। मुख्य अपहरणकर्ता लक्ष्मी नारायण कढ़ेरे अपने साथियों की मदद से शिक्षक को बुलेरो गाड़ी से उठा ले गया था। उसे राजस्थान के धौलपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दोलनपुरा निवासी कप्तान सिंह तथा रामदास के यहां रखा था।
एसपी ने दावा किया कि शिक्षक का अपहरण पूर्व प्रधान कृष्णपाल सिंह ने कराया। उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान ही पूर्व प्रधान केपी सिंह व मुखिया नामक एक अन्य व्यक्ति को बुलवाया और गैंगलीडर लक्ष्मी से पहचान कराई। लक्ष्मी के केपी सिंह की ओर अंगुली उठाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पत्रकारों ने लक्ष्मी से सवाल किया कि जिसे पहचान रहा है उसका नाम क्या है तो वह नहीं बता पाया। इस बारे में सवाल किए जाने पर एसपी भी चुप्पी साध गए।
पूर्व प्रधान के खिलाफ पुलिस एवं एसओजी और कोई पुख्ता सबूत नहीं दे सकी। यहां तक कि सर्विलांस पर लगे गैंग सरगना लक्ष्मी कढ़ेरे या अन्य किसी अभियुक्त के साथ पूर्व प्रधान की गई बातचीत का भी कोई रिकार्ड नहीं है। एसपी ने दावा किया कि गैंग लीडर लक्ष्मी कढ़ेरे को अपहरण के लिए 40 हजार रुपए बतौर खर्च व एक मोबाइल दिया गया था। अपहृत शिक्षक की बरामदगी के सवाल पर इतना ही कहा कि वह धौलपुर राजस्थान में है। उसको मुक्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वार्ता के दौरान एएसपी अनिल कुमार राय व अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इस पहले इस कांड में ककहरा गांव के काशीराम व हलके कुशवाहा, थाना रामपुरा के महाराजपुरा निवासी अंकित राजावत व उसके चाचा लाल बहादुर राजावत तथा रामपुरा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा निवासी बृजेंद्र रहदास गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
ककहरा के पूर्व प्रधान कृष्णपाल सिंह ‘सुन्नू’ अपने को निर्दोष बताते रहे, पर पुलिस ने उनकी एक न सुनी। ‘सुन्नू’ ने आरोप लगाया कि पुलिस किसी बड़े के कहने पर उसे फंसा रही है। उसने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने पहले उसकी फोटो खींच ली जिसे सरगना लक्ष्मी कढ़ेरे को दिखाकर जबरिया उसकी पहचान करा दी गई जबकि गैंग सरगना उसका नाम तक नहीं जानता। प्रदेश सरकार यदि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवा ले तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक नवनीत कुमार राणा ने स्वीकार किया कि शिक्षक के अपहरण के पीछे बालू माफिया से हुए लेनदेन का झगड़ा है।
शिक्षक शिवकुमार सोनी थाना चुर्खी क्षेत्र के ग्राम ककहरा के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं। उनके भाई डा.उमाशंकर सोनी गुढ़ा बंधौली पर बालू घाट चलाते रहे हैं। एसपी ने कहा कि एक बालू माफिया से लेनदेन के झगड़े में ही शिक्षक का अपहरण हुआ है। इस अपहरण कांड में एक बड़ा ठेकेदार भी शामिल बताया जा रहा है। इसकी जांच हो रही है।

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