संक्रामक रोग बेकाबू, 25 की हालत गंभीर

Jalaun Updated Sat, 19 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
उरई (जालौन)। भीषण गर्मी व उमस के चलते शहर व आसपास के गांवों में डायरिया, बुखार व अन्य संक्रामक रोगों का प्रकोप शुक्रवार को भी नहीं थमा। जिला चिकित्सालय में आज डायरिया व बुखार से पीड़ित 250 मरीज पहुंचे। इनमें 30 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती कर लिया गया। भीषण गर्मी व उमस के चलते डायरिया, बुखार, पेटदर्द, उल्टी दस्त आदि संक्रामक रोगों का प्रकोप आज भी जारी रहा। आज चिकित्सालय की ओपीडी तथा इमरजेंसी मेें मरीजों का तांता लगा रहा। चिकित्सालय मेें 250 मरीज पहुंचे जिसमें पटेल नगर निवासी रजनी (28), रियाज (1), अंकित (10), राजेश (34), फरहान (5), जगराम (70), गुरुचरन (28) सीमा (30), रामस्वरुप (50), छोटू (3), विनीता (20), अंशू (2), प्रज्ञा (3), शकीला (60), हिमांशु (4 माह), मुन्नी (45), शोभा रानी (70), अंश (1), राजेश्वरी (35), प्रेमवती (65), लखन (8 माह) आदि 30 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी एके गुप्ता का कहना है कि डायरिया व लू लगने के कारण शरीर में पानी, नमक, ग्लूकोज की भी कमी हो जाती है। इससे चक्कर आना, जी मिचलाना, घबराहट, अत्यधिक सिरदर्द, तेज बुखार, बेहोशी, उल्टी दस्त शुरू हो जाते हैं। इसमेें यदि शीघ्र उपचार न किया जाए तो मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। इन संक्रामक बीमारियों व लू से बचने के लिये आम लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Uttarakhand

उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने से तबाही, राहत-बचाव का काम जारी

थराली ब्लाक के धारडंबगड में सोमवार को सुबह 3:00 बजे बादल फटने से 10 दुकानें, 3 बुलेरो, 1 मैक्स, 2 कार, 4 बाईक बहने की सूचना मिली है।

16 जुलाई 2018

Related Videos

VIDEO: घर में अकेली थी नाबालिग, चाची ने की ये गंदी हरकत

जालौन में एक जालिम चाची अपनी भतीजी की जान की दुश्मन बन गई। आरोप है कि घर में अकेला पाकर चाची ने भतीजी को बंधक बनाया और उसकी जान तक लेने की कोशिश की।

14 जुलाई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen