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वकील की मदद से जिला जज का फर्जी आदेश तैयार किया

Jalaun Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौन)। एक युवक ने पिता द्वारा बेची गई जमीन फिर हथियाने के लिए एक वकील की मदद से जिला जज का अपने पक्ष में फर्जी आदेश बनवा लिया। दूसरे पक्ष के जिला जज के यहां असलियत पता करने पर फर्जीवाड़ा पता चला। जिला जज के आदेश पर इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि वकील फरार है। उस दुकान के कंप्यूटर भी जब्त कर लिए गए हैं, जहां फर्जी अभिलेख बनाए गए थे। एसपी नवनीत कुमार राणा ने गुरुवार को अपने आवास स्थित कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बबीना निवासी श्रीमती पानकुंवर का पति काली चरण ने अपने इलाज के लिए वर्ष 2003 में अपनी डेढ़ एकड़ जमीन गांव के ही नरसिंग दास को बेच दी। नरसिंग के नाम दाखिल खारिज भी हो गया। इस बीच कालीचरण की मौत हो गई। इसके बाद उसके पुत्र माहेश्वरी दीन उर्फ राहुल की नीयत बदल गई और उसने एसडीएम कोर्ट कालपी में वाद दायर कर जमीन पर अपना कब्जा जताया। तेरह फरवरी 2004 को वह मुकदमा हार गया तो कमिश्नरी झांसी में मुकदमा किया। वहां से भी वह 17 जुलाई 2006 को मुकदमा हार गया।
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एसपी के मुताबिक इस दौरान राहुल को थाना क्षेत्र के ही हांसा निवासी अधिवक्ता चंद्रभान मिला। उसने जिला जज के फर्जी आदेश से उसे जमीन दिलाने का भरोसा देकर आठ सौ रुपए लिए। दोनों ने षड्यंत्र रचकर 14 मार्च 2012 को जिला जज का फर्जी आदेश तैयार किया जिसमें लिखा था कि पुराने आदेशों को निरस्त कर नरसिंंग दास का नाम खारिज कर जमीन कालीचरन के नाम की जाती है। चूंकि कालीचरण की मौत हो चुकी थी, इसलिए दूसरे पक्ष के नरसिंग दास को शक हो गया। वह जिला जज के पास पहुंचा तो फर्जी आदेश की बात सुनकर वे भी स्तब्ध रह गए। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जिला न्यायालय अनवार अहमद को कार्रवाई के निर्देश दिए। अनवार अहमद ने आरोपी पानकुंवर, माहेश्वरी दीन उर्फ राहुल, रमेश, वकील चंद्रभान सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा थाना कदौरा में दर्ज कराया।

विवेचक थानाध्यक्ष रंधा सिंह ने गुरुवार को मुख्य आरोपी माहेश्वरी दीन उर्फ राहुल को जिला जज के फर्जी आदेश की कापी व न्यायालय की फर्जी मुहर के साथ गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि अधिवक्ता चंद्रभान की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जिला परिषद स्थित विनायक कंप्यूटर नामक उस दुकान के कंप्यूटर भी कब्जे में ले लिए हैं जहां फर्जी अभिलेख तैयार किए गए। उन्होंने बताया कि अगर साक्ष्य मिले तो कंप्यूटर मालिक को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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