...ऐ भाई, जरा देखकर चलो

Jalaun Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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उरई (जालौन) शहर की सड़कें तो बदहाल हैं ही साथ ही खुले मैनहोल भी हादसों को दावत दे रहे है। सड़क चलते कोई न कोई दोपहिया वाहन अक्सर इन खुले मेनहोल में फंस जाता है, जिसके बाद वाहन सवार को काफी चोट भी आती है और वह प्रशासन को कोसता हुआ आगे बढ़ जाता है। वाहन तक तो फिर भी गनीमत है, लेकिन यदि किसी दिन कोई बच्चा इन खुुले मैनहोल में गिर गया तो क्या होगा, इसकी फिक्र किसी भी अधिकारी को नही है। शायद यही वजह है कि करीब आधा दर्जन मोहल्लों में बीस पच्चीस मैनहोल महीनों से खुले पड़े है। इसको लेकर इलाकाई लोगों में पालिका के खिलाफ खासा रोष व्याप्त है। कहीं कहीं पर लोगों ने स्वयं ही किसी तरह खुले मैनहोल पर पत्थर आदि रखकर हादसों को टालने का काम किया है। हालांकि पालिका अधिकारियों का कहना है कि कई मर्तबा मैनहोल पर ढक्कन रखवाए गए लेकिन चोर और स्मैकिए ही उन्हें चुराकर बेच देते हैं।
सीन-1
राजेंद्र नगर स्थित शिवानी गार्डेन के पास वाली गली में भी सीसी रोड पर स्थित मैनहोल भी खुला पड़ा है। मोहल्ले वाले तो बच्चों को मैनहोल के आसपास से भी नही गुजरने देते है। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही शाम के वक्त महिलाओं का रिक्शा मैनहोल के गड्ढे में फंसकर पलटने से बचा था। इससे पहले भी अक्सर साइकिल और बाइक सवार लोग खुले मैनहोल में उलझकर अपने हाथ पैर तुड़वा चुके है। शिकायत करने पर भी सुनवाई होते न देख पब्लिक ने ही कभी चारों ओर बल्ली तो कभी उस पर पत्थर रखकर काम चलाया लेकिन स्थिति फिर जैसी की तैसी ही हो गई।
सीन-2
गोपालगंज की मेन रोड स्थित बैंड वाली गली में सीसी सड़क तो बनी हुई है लेकिन बीच में बना मैनहोल बगैर ढक्कन के मुंह खोले पड़ा है। जिसमें कई मर्तबा वाहन सवार फंसकर चुटहिल हो चुके है। रात के अंधेरे में खुला मेनहोल और भी खतरनाक हो जाता है। क्षेत्र के राजू गुप्ता और विश्वनाथ का कहना है कि कई मर्तबा अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन ढक्कन रखने की कोई कार्रवाई अब तक तो नजर नहीं आई। जिसके चलते हमेशा ही हादसे का डर बना रहता है। क्षेत्र के लोगों की माने तो मैनहोल के पास रोजाना कई बच्चे गुजरते है, कभी भ ीकोई गंभीर हादसा हो सकता है।
सीन-3
दादूपुरा स्थित मस्जिद वाली गली में भी मैनहोल पिछले कई महीनों से खुला पड़ा है। जिसकी वजह से कई हादसे भी हो चुके है। तीन पहले ही मोहल्ले के ही नसीम की पत्नी बाजार जा रही थी, तभी पीछे से जानवर के दौड़ाने पर भागती हुई पत्नी का पैर मैनहोल में फंस गया और उनके पैर की हड्डी टूट गई। क्षेत्र के लोगों की माने तो मैनहोल के पास रोजाना कई बच्चे गुजरते है, कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। इसके बावजूद अधिकारी ना तो मैनहोल पर ढक्कन ही लगवा रहे है और न ही उसके किनारे बल्लियां ही गढ़वा रहे है। जिससे हर वक्त खतरा बना रहता है।
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