फसल की बर्बादी देख टूट गया किसान

Jalaun Updated Wed, 12 Mar 2014 05:31 AM IST
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उरई(जालौन)। चने की फसल बर्बाद हो जाने पर यहां का एक किसान अपना मानसिक संतुलन खो बैठा। वह अनाप शनाप बकने लगा। इस पर परिजन उसे ग्वालियर स्थित अस्पताल ले गए हैं।
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थाना क्षेत्र के ग्राम बाबूपुरा निवासी आशाराम (40) के पास 10 बीघे जमीन है। उसके चार पुत्रियां रानी, पूजा, रुबी, लक्ष्मी तथा एक पुत्र पुष्पेंद्र है। जमीन से ही उसके परिवार का भरण पोषण होता है। इस वर्ष उसने 8 बीघे में चना व दो बीघे में गेहूं बोया था। बारिश से उसकी चने की फसल बर्बाद हो गई। तब से वह खेत पर जाता और कई घंटे वहीं बैठकर सोचता रहता। दो दिनों से वह अपने आप कहने लगा कि चना फरेंगे और उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। परिजनों ने उसे समझाया तो वह मारपीट पर आमादा हो गया। माली हालत ठीक ना होने पर परिजन उसका इलाज भी नहीं करवा रहे थे। मंगलवार को रिश्तेदारों की मदद से उसको इलाज के लिए ले जाया गया हैैैैैै। ग्रामीण रामनरेश, गोधन आदि ने बताया कि फसल खराब होने से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। जिससे वह दो-तीन दिन से अनापशनाप बक रहा था। इस बावत डॉ. अंकुर शुक्ला का कहना है कि डिप्रेशन में आकर मरीज खुद से बातें करने लगता है। इस बीमारी को साइजोपीनिया रोग कहते हैं। हो सकता है कि आशाराम भी इसी बीमारी का शिकार हो गया हो। इसकी जानकारी उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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