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मंत्रिमंडल विस्तार में बुंदेलखंड फिर हाशिए पर

Jalaun Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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कोंच (जालौन)। सूबे की सरकार ने मंत्रिमंडल के विस्तार में एक बार फिर बुंदेलखंड को हाशिए पर ला दिया है। यहां का कोई भी विधायक इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके चलते बुंदेलखंड के लोगों को मायूसी के बादलों ने घेर लिया है। बसपा सरकार में जहां बुंदेलखंड में दो दर्जन से ज्यादा लालबत्तियां जगमगा रही थीं, वहीं सपा सरकार में लालबत्ती के लाले पड़े हैं। प्रदेश के 58 मंत्रियों में एक भी बुंदेलखंड का नहीं है, जबकि पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड के बाशिंदों ने 9 लाख 77 हजार से ज्यादा वोट देते हुए पांच विधायक भी चुनकर भेजे हैं।
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लखनऊ की सरकारें हों या केंद्र की, बुंदेलखंड उनके लिये वोट बैंक ही रहा है। दिल्ली और लखनऊ ने मंचों के माध्यम से बुंदेलखंड की बदरंग तस्वीर का जिक्र जरूर किया है। इस पिछड़े इलाके को और अधिक इमदाद की जरूरत बताई है। दिल्ली की सरकार ने तो झांसी के सांसद प्रदीप जैन आदित्य को राज्यमंत्री पद से नवाज कर इलाके को कुछ भी दे दिया, लेकिन लखनऊ ने इसे हाशिए पर डाल कर एक बार फिर जता दिया है कि यह क्षेत्र उनके लिये महज वोट लेने तक ही सीमित है। बुंदेलखंड से सपा के पांच विधायक हैं। इनमें विशंभर सिंह यादव (बबेरू), वीर सिंह पटेल (कर्वी), दयाशंकर वर्मा (उरई), रश्मि आर्या (मऊरानीपुर) और दीपनारायण सिंह यादव (गरौठा) शामिल हैं। इनके अलावा सपा के कई कद्दावर नेता भी हैं। इनमें पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद तथा पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस भी शामिल हैं। मंत्री बनाना तो दरकिनार कोई अन्य ओहदे के साथ लालबत्ती नहीं दी गई।

पिछले वर्ष मार्च माह में विधान सभा के हुए चुनाव में सपा को बुंदेलखंड के सभी सात जनपदों की 19 सीटों पर 9 लाख 77 हजार 605 वोट प्राप्त हुए थे। सपा ने वर्ष 2007 में हुए चुनाव से 1 लाख 64 हजार 307 वोट ज्यादा पाए थे।
विदित हो कि दयाशंकर वर्मा वैसे तो दो बार राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त रह चुके हैं, एक बार वे कल्याण सरकार में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन थे, दूसरी बार वे मुलायम सरकार में योजना आयोग के सदस्य के रूप में लालबत्ती की गाड़ी में सैर कर चुके हैं। अखिलेश सरकार में तो बुंदेलखंड के बाशिंदों को भरोसा था कि किसी न किसी को लाल बत्ती ने नवाजा जाएगा। जानकारों का मानना है कि अगर बुंदेलखंड को प्रतिनिधित्व मिलता तो विकास की गाड़ी रफ्तार पकड़ सकती थी।

सपा के विधायक
विशंभर सिंह यादव (बबेरू),
वीर सिंह पटेल (कर्वी),
दयाशंकर वर्मा (उरई),
रश्मि आर्या (मऊरानीपुर)
दीपनारायण सिंह यादव (गरौठा)

इनसेट
जनपद मत
बांदा- 1,59,697
चित्रकूट- 1,05,388
महोबा- 85,332
हमीरपुर- 1,03,715
उरई- 1,49,263
झांसी 2,38,606
ललितपुर- 1,35,704

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