बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

गंदा पानी पीने को मजबूर चार विद्यालयों के बच्चे

Jalaun Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
उरई(जालौन)। डीएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित चार परिषदीय विद्यालयों के बच्चे मिट्टीयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। क्योंकि इन चारों स्कूलों के बीच एकमात्र हैंडपंप ही पानी देने के लिए है, जिसके पानी में इन दिनों मिट्टी आ रही है। मिडडे मील खाने से दो घंटे पहले बच्चों को पानी भरकर रखना पड़ता है जब मिट्टी बैठने पर उपयोग करते हैं।
विज्ञापन

डीएम कार्यालय से चंद कदम पूर्व बांस के पुल के बगल में पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघौरा और इसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय गोपाल गंज भी संचालित हो रहा है। बगल में ही कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय तिलक नगर भी एक ही भवन में संचालित हो रहे हैं। दोनों भवनों में संचालित चारों विद्यालयों के बच्चे पेयजल के लिए मात्र एक हैंडपंप पर ही आश्रित हैं और यह हैंडपंप पिछले कई माह से मिट्टीयुक्त पानी दे रहा है। इन विद्यालयों में पढ़ने वालेे बच्चे इसी गंदे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघौरा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अरशद अंसारी ने बताया कि 63 बच्चे पंजीकृत है तथा इसी भवन में प्राथमिक विद्यालय गोपाल गंज भी संचालित है। उसके इंचार्ज प्रधानाध्यापक मोहन स्वरुप पाल हैं और वहां 149 छात्र पंजीकृत हैं। इसी प्रकार कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका वसीम फातिमा ने बताया कि उनके विद्यालय में 44 छात्र पंजीकृत हैं और प्राथमिक विद्यालय तिलक नगर के प्रधानाचार्य टीएफ जाफरी ने बताया कि 74 छात्र पंजीकृत हैं। कुल चारों विद्यालयों में 331 छात्र पंजीकृत हैं जो मिट्टीयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। चारों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने संयुक्त रुप से बताया कि वह जलसंस्थान के अधिशाषी अभियंता को लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं और पत्र के माध्यम से डीएम को भी इसकी सूचना एक माह पहले वह दे चुके हैं परंतु अभी तक इन हैंडपंपों को सुधारा नहीं जा सका। उनका कहना है कि इससे मिडडे मील भी प्रभावित होता है। पानी को दो घंटा पहले भरकर रखना पड़ता है जब उसकी मिट्टी पानी से नीचे बैठ जाती है तब उसका उपयोग हो पाता है परंतु बच्चे तो सीधे हैंडपंप से ही पानी पी लेते हैं। जिससे कभी भी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। इस संबंध में बीएसए वरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस बारे में उन्होंने जलनिगम के अधिशाषी अभियंता को विभागीय पत्र लिखा है तथा उनसे हैंडपंप सुधरवाने का किया गया है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X