बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

हाथरस: परिजनों के तीखे विरोध के बीच पुलिस ने खुद चिता पर रखकर जला दिया बिटिया का शव

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
हाथरस: बिटिया की जलती चिता।
हाथरस: बिटिया की जलती चिता। - फोटो : HATHRAS

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

चंदपा थानाक्षेत्र की अनुसूचित जाति की बिटिया के शव के अंतिम संस्कार को लेकर मंगलवार देर रात पुलिस- प्रशासन और परिजनों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस शव का आनन-फानन अंतिम संस्कार कराना चाह रही थी जबकि परिजनों का कहना था कि वे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार सूर्योदय के बाद करेंगे। पुलिस शव लेकर जाने लगी तो परिवार की महिलाएं वाहन के आगे लेट गईं। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें घसीट कर अलग पटक दिया। इसमें चार महिलाएं घायल हो गईं। पुलिस ने रात्रि करीब पौने तीन बजे परिजनों की गैरमौजूदगी में शव कोे चिता पर रखकर आग के हवाले कर दिया।
पुलिस-प्रशासन चाहता था कि रात्रि में ही शव का अंतिम संस्कार हो जाए, जबकि परिजन चाहते थे कि यह सूर्योदय के बाद हो। ऐसे में भारी पुलिस बल के बीच जब शव को एंबुलेंस से उतारे बिना ही श्मशान स्थल पर ले जाया जाने लगा तो लोग वाहन के सामने लेट गए। ऐसे में एंबुलेंस को लौटाकर मृतका के घर के बाहर ले जाया गया। इसके बाद परिजन इस बात पर अड़ गए कि शव को वह घर पर उतारेंगे और इसका अंतिम संस्कार सूर्योदय के बाद ही करेंगे।

प्रशासन अपनी इस जिद पर अड़ा रहा कि अंतिम संस्कार आज रात को ही होगा। ऐसे में परिवार की महिलाएं एंबुलेंस के सामने लेट गईं और गाड़ी को आगे बढ़ने नहीं दिया। इस पर पुलिस ने वहां लाठीचार्ज कर दिया। महिलाओं को घसीटते हुए वहां से अलग पटक दिया और रात्रि करीब पौने तीन बजे शव को श्मशान स्थल पर इसे चिता पर रखकर आग के हवाले कर दिया। चिता के निकट भी पुलिस ने किसी को नहीं जाने दिया। काफी तादाद में पुलिस व पीएसी वहीं जमी रही। पुलिस की इस बर्बरता में परिवार की चार महिलाओं के काफी चोटें आई हैं ।
दरिंदगी की शिकार बिटिया ने मंगलवार की सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसके बाद घंटों दिल्ली में हंगामा होता रहा और वहां भी प्रदर्शन हुए। यहां से भी अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार कोे दिल्ली भेजा गया। पुलिस अपनी योजना के हिसाब से ही मंगलवार की रात्रि एक बजे शव को बिटिया के गांव लेकर आई। तब तक विरोधी दल के लोग जा चुके थे और मृतका के परिजन व कुछ अन्य लोग ही बचे थे। इससे पहले ही पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया था। डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी वहां पहुंच चुके थे। शव को दिल्ली से एंबुलेंस में लाया गया।
एबुलेंस और उसके पीछे चल रहीं गाड़ियां सीधे मृतका के घर के सामने से होकर गांव के श्मशान स्थल पर पहुंचने लगीं। इस पर परिजन भड़क गए और एंबुलेंस से पीछे भागे। थोड़ी दूरी पर परिजनों ने एंबुलेंस को रोक लिया और यह कहने लगे कि पहले शव को घर पहुंचाया जाए। उसके बाद ही अंतिम संस्कार करने दिया जाएगा। वहां तनातनी शुरू हो गई और हाय-तौबा मच गई। चीख-पुकार के बीच वहां खासा हंगामा खड़ा हो गया। कुछ लोग एंबुलेंस के सामने खड़े हो गए।
प्रशासन ने इन लोगों को अपने हिसाब से समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने। ऐसे में वहां प्रशासन को झुकना पड़ा और एंबुलेंस को वापस मृतका के घर पहुंचा दिया। वहां फिर हाय-तौबा शुरू हो गई। परिजन यह कहने लगे कि शव को पहले एंबुलेंस से उतारा जाए। वह सुबह ही इसका अंतिम संस्कार हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार करेंगे।
प्रशासन ने न शव को गाड़ी से उतारा और न उनकी यह बात मानी। इस पर तनातनी रही। परिवार की महिलाएं चीख-पुकार मचाती और रोती बिलखती हुई एंबुलेंस के आगे लेट गईं, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। करीब एक घंटे तक वहां चीख-पुकार मची रही। इसके बाद पुलिस बर्बरता पर उतर आई।
पुलिस ने वहां से मीडियाकर्मियों सहित अन्य लोगों को अलग कर दिया और महिलाओं पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। कई महिलाओं को सड़क कर घसीटा तो कई महिलाओं को उठाकर कंटीले तारों पर पटक दिया। ऐसे में पुलिस ने बलपूर्वक इन महिलाओं को वहां से हटाया और एंबुलेंस शव को लेकर श्मशान स्थल पर पहुंच गई। प्रशासन ने वहां से काफी दूर पहले मीडियाकर्मियों को भी रोक दिया और शव को चिता पर रखकर परिजनों की गैरमौजूदगी में इसे जला दिया।
बॉक्स
----------
शव को एंबुलेंस से नीचे नहीं उतारा
हाथरस। मृतका की मां यह कहती रही कि वह पूरे रीति रिवाज से बेटी का अंतिम संस्कार करेंगी। उसका भाई भी यही कहता रह गया। पुलिस से यह लोग रहम की भीख मांगते रहे। करीब आधा घंटे तक यह स्थिति रही, लेकिन पुलिस ने परिवार की एक बात नहीं मानी। शव को भी एंबुलेंस से नीचे नहीं उतारने दिया। परिवार के चंद लोग और पूरे गांव की आबादी से कई गुना ज्यादा पुलिस बल था। ऐसे में यह लोग बेहद कमजोर पड़ गए और उसके बाद पुलिस ने अपनी मनमानी की।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us