हाथरस: नगर पालिकाध्यक्ष सहित अन्य लोगों पर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी व जालसाजी का आरोप

Aligarh Bureauअलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 11:18 PM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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भाजपा नेता व पूर्व राज्य मंत्री मुकुल उपाध्याय ने नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा सहित एक दर्जन से अधिक लोगों पर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर करोड़ों की जमीनों व भवनों पर कब्जा करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने इस सिलसिले में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है और मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। डीएम ने इस मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी है। वहीं नगर पालिकाध्यक्ष ने उन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
भाजपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री मुकुल उपाध्याय ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा, हरीशंकर राना उर्फ भूरा पहलवान, कलेक्ट्रेट हाथरस में राजस्व अभिलेख रक्षक पद पर तैनात शीतल प्रसाद शर्मा, लेखपाल अवधेश कुमार सहित कुछ अन्य लोगों पर राजस्व अभिलेखों में जालसाजी व हेराफेरी करने का गंभीर अपराध किया है। इसके प्रमाण उन पर उपलब्ध हैं।
डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में उपाध्याय ने कहा है कि कलेक्ट्रेट हाथरस के राजस्व अभिलेखागार रक्षक शीतल प्रसाद शर्मा की मिलीभगत से इन लोगों ने मूल पत्रावली से नक्शा नजरी निकालकर फर्जी तरीके से अधिकारियों के कूटरचित हस्ताक्षर कर दूसरी नक्शा नजरी तैयार कर उसे राजस्व अभिलेखों की मूल पत्रावली में सम्मलित कर दिया। इस फर्जी नक्शा नजरी पर न तो प्रस्तावित भूमि का क्षेत्रफल अंकित है और न ही जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए, उनके हस्ताक्षर हैं। प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि राजस्व अभिलेख रक्षक शीतल प्रसाद शर्मा को आशीष शर्मा ने स्वयं की निर्मित कान्हा विहार कॉलोनी में एक कोठी इनाम स्वरूप दे रखी है। इसके बदले शीतल प्रसाद आशीष शर्मा व इन लोगों की मदद करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि यह सभी लोग लंबे समय से राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर जनता के साथ धोखाधड़ी कर जमीनों व भवनों पर कब्जे करते आ रहे हैं। इससे लोगों में भय व्याप्त है। वर्तमान में यह प्रदेश के भयमुक्त शासन के दावे की बड़ी चुनौती है। प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि राजस्व अभिलेखो में हेराफेरी कर इन लोगों ने न्यायालय को भी गुमराह किया है। कई आरोपियों के खिलाफ पहले भी जमीन और भवन आदि पर अवैध कब्जा करने व धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं लेकिन धनबल व राजनीतिक पहुंच के चलते इन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने डीएम से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी व जालसाजी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इन्हें जेल भेजा जाए। इस मामले की जांच डीएम ने एसडीएम सदर को सौंपी है। इधर, इस मामले में नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं। किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए। अपने आप दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उनकी ही जांचें चल रही हैं।
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