हाथरस : दशकों बाद शहरवासियों को मिलेगी जाम से राहत

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 11:30 PM IST
हाथरस : तालाब चौराहे पर तैयार ओवरब्रिज।    संवाद
हाथरस : तालाब चौराहे पर तैयार ओवरब्रिज। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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लंबे इंतजार के बाद आखिरकार वह दिन आ ही गया, जब शहर के लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी। दशकों पुरानी समस्या का जल्द ही निदान हो जाएगा। तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया है। इसका शिलान्यास तीन साल पहले खुद मुख्यमंत्री ने यहां आकर किया था।
उल्लेखनीय है कि शहर के तालाब चौराहे से मथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक गुजरता है। ट्रेनों और मालगाड़ी के आवागमन के चलते फाटक बार-बार बंद होता था। इस कारण आए-दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ता था। इसे लेकर सामाजिक संगठनों व राजनीतिक संगठनों ने समय-समय पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। धरना-प्रदर्शन सहित कई अन्य प्रयास किए। क्षेत्र के लिए यह एक बड़ा मुद्दा बन गया था।

अक्सर चुनाव के समय भी स्थानीय लोग यही मसला उठाते थे कि आखिर तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज कब बनेगा। अब तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया है। ओवरब्रिज को रेलवे व सेतु निगम ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। नगर पालिका द्वारा भी पुल की परिधि में वॉल पेंटिंग और लाइट का भी इंतजाम किया गया है। लोग आसानी से गंतव्य की राह तय करेंगे।
तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज के लिए सांसद, विधायकों को ज्ञापन दिए। हस्ताक्षर अभियान चलाकर जनता को जोड़ा। मुख्यमंत्री के नाम चौराहे चौराहे पर एक लाख हस्ताक्षर कराए गए। अन्य आंदोलन भी किए। अब इस ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने से लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी।
-प्रवीण वार्ष्णेय, राष्ट्रीय महासचिव एडीएचआर
मानव कल्याण व व्यापार मंडल ने ओवरब्रिज के निर्माण की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री तक ज्ञापन भेजे गए। अब यह ओवरब्रिज तैयार हो गया है। लोगों को सालों से जूझ रहे जाम की समस्या से निजात मिलेगी। तालाब रेलवे क्रॉसिंग को पार करने में उनके समय की बर्बादी भी रुक सकेगी।
-राजीव वार्ष्णेय, प्रदेश मंत्री उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
ओवरब्रिज निर्माण के लिए वैसे तो सभी के प्रयास रहे हैं। जनपदीय जनमंच के माध्यम से सभी का संयुक्त प्रयास रहा है। ओवरब्रिज के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया था। यहां प्याऊ बनी हुई थी। प्याऊ को शिफ्ट के लिए कई बार प्रयास किए गए। जनपदीय जनमंच स्वयंसेवी संस्थाओं का काफी प्रयास रहा है। जनप्रतिनिधियों ने भी काफी प्रयास किया है।
-हरीश कुमार शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता

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