एनएच की मरम्मत में घपले की अब तकनीकी जांच

Hathras Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
हाथरस। आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत में हुई करोड़ों की धांधली की अब तकनीकी जांच होगी। एडीएम ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को अपने अधीनस्थ अभियंताओं के साथ जांच कराने का आदेश दिया है। साथ ही दो हफ्ते के अंदर इसकी जांच रिपोर्ट भी तलब की है। प्रशासन के इस कदम से एनएचएआई के अफसर निश्चित रूप से मुश्किल में फंस सकते हैं। पिछले साल जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी कि एनएच पर मरम्मत के काम में अनियमितताएं बरती गई हैं। हाथरस-सादाबाद मार्ग के तहत ग्राम बिसाना आदि कई जगहों पर जहां मरम्मत का काम हुआ ही नहीं है, उसे भी मरम्मत किया हुआ दर्शाते हुए करीब दो करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। एनएचएआई आगरा के तत्कालीन परियोजना निदेशक और प्रबंधक तकनीकी पर डीके इन्फ्रास्ट्रक्चर मुंबई के नाम से फर्जी फर्म के माध्यम से यह मरम्मत का काम दिखाकर सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया गया है। यह शिकायत नागरिक कल्याण भ्रष्टाचार एवं अपराध निवारण समिति के महासचिव अजय शर्मा ने की थी, जिस पर तत्कालीन एडीएम रामावतार ने जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर से स्पष्टीकरण भी मांगा था। अब दुबारा इस मामले की जांच पूरी करने की मांग उठी तो मौजूदा एडीएम ने जांच पत्रावली तलब कर ली। इसका अवलोकन करने पर उन्होंने पाया कि एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने 11 नवंबर 2011 को जो स्पष्टीकरण भेजा था, उसमें कहा गया है कि एनएचएआई एक स्टेटरी बॉडी है। एक्ट 1988 के अनुसार मरम्मत के काम के लिए एनएचएआई ही जिम्मेदार है। एनएचएआई से संबंधित कोई भी शिकायत पर उनके इंटरनल मैकेनिज्म द्वारा कार्रवाई की जाती है। लिहाजा क्षेत्रीय अधिकारी लखनऊ की तरफ से इस मामले में कार्यवाही की जा रही है, लेकिन अभी तक क्षेत्रीय अधिकारी लखनऊ ने न तो खुद और न हीं किसी अन्य जांच अधिकारी से स्थलीय सत्यापन कराते हुए कोई कार्रवाई की है। एडीएम ने एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को लिखे खत में कहा है कि चूंकि मामला मानक के विपरीत और फर्जी मरम्मत का काम दिखाकर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का है। एनएच 93 का अधिकांश भाग जिले की तहसील सादाबाद, हाथरस व सासनी में पड़ता है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि वर्तमान में जेएमसी द्वारा एनएच 93 के टू लेन सुदृढ़ीकरण का काम किया जाना प्रस्तावित है। यदि उससे पहले मरम्मत के काम की जांच नहीं होती है तो जेएमसी द्वारा इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण का काम कर दिया जाएगा और उसके बाद मरम्मत के काम में हुए घपले की जांच का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। ऐसे में एनएचएआई द्वारा विभागीय जांच न कराने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर इसकी जांच कराना बेहद जरूरी है।

Spotlight

Most Read

Bareilly

बच्चो! 100 रुपये में स्वेटर खा लो

नकारा सिस्टम सरकारी योजनाओं को तो पलीता लगाता ही है, उसे गरीब बच्चों से भी कोई हमदर्दी नहीं है। सर्दी में बच्चों को स्वेटर बांटने की व्यवस्था ही देख लीजिए..

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: बच्चों के झगड़े में बड़ों ने यहां निकाली लाठियां

हाथरस में दो पक्षों के बीच जमकर लाठियां चलीं। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर खूब लाठियां भांजी । जिसके हाथ में जो आया उससे एक दूसरे को खूब पीटा। बच्चों को लेकर ये झगड़ा हुआ।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper