अब नहीं चल पाएंगे एक से ज्यादा कनेक्शन

Hathras Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
हाथरस। सब्सिडी घटने के बाद अब रसोई गैस कनेक्शनों की प्रक्रिया भी पूरी तरह बदल जाएगी। एक ही नाम-पते से उपभोक्ता अब एक ही कंपनी का गैस कनेक्शन रख पाएंगे। अगर किसी उपभोक्ता के पास एक ही नाम-पते से अलग-अलग कंपनियों के गैस कनेक्शन हैं तो मिलान के बाद उन्हें इनमें से केवल एक ही कंपनी का कनेक्शन रखने का विकल्प देना होगा। बाकी कंपनियों के उनके कनेक्शन रद कर दिए जाएंगे। यह पूरी कवायद सब्सिडी वाले सिलेंडरों के लिए मारामारी रोकने के लिए की जा रही है। अगर उपभोक्ता के बेटों और अन्य आश्रित अलग हो चुके हैं तो वह अलग कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन कनेक्शन देने से पहले कंपनी को उनके यहां यह जांच करानी होगी कि वाकई वह उनसे अलग रहते हैं या नहीं। गैस एजेंसियों के यहां रीफिल वितरण का कंप्यूटराइज्ड सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा। जब तक नया कंप्यूटरीकृत प्रोफार्मा नहीं बदल जाएगा, तब तक उपभोक्ताओं को नए गैस कनेक्शन भी नहीं मिल पाएंगे। नए प्रोफार्मा में घरेलू गैस का वितरण तीन श्रेणियों में किया जाएगा। एक श्रेणी में सब्सिडी वाले, दूसरी में गैर सब्सिडी वाले और तीसरी श्रेणी में स्कूल वाले सिलेंडरों को रखा गया है। तीनों श्रेणियों के लिए एजेंसियों के दफ्तर में अलग-अलग प्रोफार्मा फीड होगा। तीनों श्रेणियों के लिए कंपनियों से अलग-अलग रीफिल मिलेगी और अलग-अलग ही उनके वितरण का ब्यौरा रखा जाएगा, ताकि किसी भी श्रेणी के सिलेंडर की कालाबाजारी की आशंका न रहे। नए प्रोफार्मा को डाउनलोड करने से पहले एजेंसियों को सक्रिय और निष्क्रिय कनेक्शनों का ब्यौरा भी देना होगा, ताकि निष्क्रिय उपभोक्ताओं के कनेक्शन रद किए जाएंगे, ताकि उनके हिस्से के सिलेंडरों की ब्लैक रुक सके। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि गैस एजेंसियों ने जो कनेक्शन फर्जी नाम-पतों से बनवा रखे हैं, उनकी जांच कौन कराएगा। कैसे पता चलेगा कि कितने कनेक्शनों की गैस उन उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है, जिनके नाम-पतों पर यह कनेक्शन चल रहे हैं। कंपनियां भी जानती हैं कि इन्हीं फर्जी कनेक्शनों के बूते एजेंसियों और उनके दलालों का गोरखधंधा सालों से चल रहा है। अगर इन कनेक्शनों की सही से जांच हो जाए तो उपभोक्ताओं की मुश्किल और आसान हो सकती है, वरना तो इन कनेक्शनों के नाम पर मिलने वाले सब्सिडी और गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर भी ब्लैकियों की मुनाफाखोरी का जरिया बने रहेंगे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

अखिलेश यादव का तंज, ...ताकि पकौड़ा तलने को नौकरी के बराबर मानें लोग

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा देश की सोच को अवैज्ञानिक बताना चाहती है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: बच्चों के झगड़े में बड़ों ने यहां निकाली लाठियां

हाथरस में दो पक्षों के बीच जमकर लाठियां चलीं। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर खूब लाठियां भांजी । जिसके हाथ में जो आया उससे एक दूसरे को खूब पीटा। बच्चों को लेकर ये झगड़ा हुआ।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper