मेला की अवधि में कटौती, ठेकेदार ने खींचे कदम

Hathras Updated Sun, 02 Sep 2012 12:00 PM IST
हाथरस। बृज क्षेत्र के लक्खी मेला श्रीदाऊजी महाराज की अवधि घटाकर प्रशासन ने ठेकेदार को मुसीबत में डाल दिया है। ठेकेदार ने इतने कम दिनों के लिए मेला आयोजन से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। यही नहीं सिर्फ 12 दिन के लिए खेल-तमाशे और झूले आदि वाले भी मेले में अपना खोमचा लगाने को तैयार नहीं हैं। ठेकेदार की मानें तो नए लोगों ने बुकिंग से हाथ पीछे खींच लिए हैं तो बुकिंग करा चुके दुकानदार भी अपनी बुकिंग रद करवा रहे हैं और अपने पैसे वापस मांग रहे हैं। मेला ठेकेदार ने अपने सहयोगियों के साथ बैठक करके तय किया है कि वह इस बारे में सोमवार को डीएम से मिलेंगे और उनसे या तो मेला की अवधि बढ़ाकर पहले की तरह 20 से 22 दिन किए जाने या फिर ठेका की रकम में कटौती किए जाने की मांग करेंगे। जितना महंगा ठेका उठा है, उसकी भरपाई सिर्फ 12 दिन के मेले से बिल्कुल नहीं हो पाएगी। ठेकेदार राजीव वार्ष्णेय का कहना है कि पिछले साल तक मेला 20 से 22 दिन तक लगता रहा है। उनके पास 22 दिन की लिखा-पढ़ी भी होती रही, लेकिन इस बार सिर्फ 12 दिन के मेले से तो उनका बेड़ा गर्क हो जाएगा। अगर प्रशासन मेले की अवधि बढ़ाने पर राजी नहीं होता है तो वह अपना ठेका सरेंडर कर देंगे। ठेकेदार के इन तेवरों ने प्रशासन में भी हलचल मचा दी है और अधिकारियों को मेला अवधि बढ़ाने पर नए सिरे से विचार करने को मजबूर कर दिया है। मेला के कार्यक्रमों में कटौती करके भी प्रशासन ने फजीहत मोल ले ली है। जो कार्यक्रम मेले में लगातार होते रहे हैं, उन्हें रद करके प्रशासन उन लोगों के निशाने पर आ गया है, जोकि अब तक इन आयोजनों की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। प्रशासन ने जो कार्यक्रम रद किए हैं, उनमें अखिल भारतीय ख्याल सम्मेलन, स्वांग, मां रामवती देवी स्मृति छात्र-छात्रा सम्मान समारोह, अखिल भारतीय कवियित्री सम्मेलन, चिकित्सा सम्मेलन समेत कई प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर कार्यक्रम मेले की पुरानी परंपरा का हिस्सा हैं, फिर भी प्रशासन ने इन्हें आंख मूंदकर प्रोग्रामों की लिस्ट से बाहर कर दिया। मेले की अवधि घटाने के लिए प्रशासन ने शहरवासियों की पुरानी भावनाओं की भी बिल्कुल परवाह नहीं की। शहर के इस सालाना जलसे की व्यवस्थाओं से मुक्ति पाने और उसके नाम पर लकीर पीटने की हड़बड़ी प्रशासन में साफ दिखाई दे रही है। ख्याली अखाड़े कलगी पक्ष के खलीफा डॉ. रईस अहमद अब्बासी ने कव्वाली और ख्याल सम्मेलन का आयोजन साथ रखने पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उनका कहना है कि इस सम्मेलन में दूरदर्शन और आकाशवाणी के अंतरराष्ट्रीय कलाकार आते हैं। रात 10 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम सुबह सात बजे तक चलता और इसके श्रोताओं की यहां एक बड़ी जमात है। वैसे भी बृज क्षेत्र में ख्यालगोई खासी लोकप्रिय है और यह आयोजन सालों से मेले में होता आ रहा है। उन्होंने डीएम से जनभावनाओं को देखते हुए ख्याल सम्मेलन के दिन किसी और कार्यक्रम को मेला मंच न रखने और इस कार्यक्रम के लिए कोई और तारीख तय करने की मांग की है। मेले के खास और सियासी महत्व के आयोजन अखिल भारतीय कुश्ती दंगल के लिए देश भर के पहलवानों को न्योता भिजवाना शुरू कर दिया गया है। दंगल संयोजक श्यामसुंदर बंटी ने इसके लिए उस्ताद-खलीफाओं की टीमें बनाकर रवाना कर दी हैं। कोशिश है कि स्तरीय पहलवानों को इस बार भी दंगल के अखाड़े में उतारा जाए।

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