तीन तीन स्टेशनों का क्या करें, जब रुकती नहीं ट्रेनें

Hathras Updated Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
हाथरस। रेलवे स्टेशन यानी किसी शहर के विकास का रास्ता। और अगर एक शहर में तीन स्टेशन हों तो क्या कहने। पर हाथरस में महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होना सबसे बड़ी समस्या है। आखिर अपना हाथरस कैसे बेहतर हो सकता है। सबसे पहले तो हाथरस वासियों को बेहतर रेल सुविधा की दरकार है। शहरवासियों का मानना है कि तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन वाले इस शहर में यदि रेलवे अच्छी सुविधा दे तो विकास के रास्ते खुल सकते हैं। यहां का कारोबार एक बार फिर से चमक सकता है। इस शहर में पूर्वोत्तर और उत्तर-मध्य रेलवे दोनों के ट्रैक और स्टेशन हैं लेकिन रेलवे की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। पूर्वोत्तर का यहां सिटी रेलवे स्टेशन है तो उत्तर मध्य के हाथरस जंक्शन और हाथरस किला रेलवे स्टेशन हैं, लेकिन यहां न तो पर्याप्त ट्रेनों का ठहराव है और न ही संचालन। ऐसे में रेलवे सुविधाओं में यह शहर काफी पिछड़ा हुआ है। इतना ही नहीं, यहां ट्रेनों में मालबोगी की सुविधा नहीं है। इससे व्यापारियों के सामने अपना माल भेजने और लाने की समस्या है।
कहां है दिक्कत
ट्रेनों की कमी है स्टेशनों पर
उत्तर-मध्य रेलवे के स्टेशन हाथरस किला से मात्र एक ट्रेन चलती है, जो 24 घंटे में एक बार आती-जाती है। स्टेशन हाथरस जंक्शन पर भी कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यही स्थिति हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन की है। स्टेशन से पहले तो अच्छी ट्रेनें है ही नहीं। जिससे यात्रियों को अन्य बडे़ शहरों के लिए जाने के लिए मथुरा और अलीगढ़ आदि शहरों को ट्रेनें पकड़ने के लिए जाना पड़ता है। कुछ अच्छी ट्रेनें हैं तो उनका स्टॉपेज नहीं है। दिल्ली जाना है सबसे बड़ी मुसीबत पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशन हाथरस सिटी से दोपहर एक बजे से शाम सात बजे के बीच छह घंटा तक कोई यात्री ट्रेन नहीं है। इस दौरान पैसेंजर एवं एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होना चाहिए। क्योंकि कामकाजी एवं शहर को शाम पांच बजे तक आने जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों का लाभ मिल सके। हाथरस किला से भी पूर्व की भांति हाथरस जंक्शन तक किला एवं दिल्ली आदि को जाने वाली कुछ ट्रेनों का संचालन होना चाहिए। हाथरस सिटी स्टेशन पर पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। स्टेशन पर पार्किंग सुविधा दी जाए। जिससे स्टेशन पर अपने निजी वाहनों से आने जाने वाले वाहन स्वामियों को वाहन चोरी आदि की मुसीबत का सामना न करना पडे़। स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर तो यात्रियों के लिए जहां बेंच है वहां पंखा नहीं है और जहां पंखा है वहां बेंच नहीं है।
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टेशन पर सुविधाओं को मुहैया कराना तकनीकी स्टाफ एवं रेलवे प्रशासन का काम है। स्टेशन के पर ट्रेनों का बेहतर संचालन एवं सफाई आदि का प्रबंधन करना उनका काम है। जिसके लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। - एमआर मीना, स्टेशन प्रबंधक
इन ट्रेनों का चाहिए स्टॉपेज
हाथरस। स्टेशन हाथरस सिटी से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 12319 कोलकाता आगरा कैंट एवं आगरा से चलकर कोलकाता तक जाने वाली एक्सप्रेस 12320 का स्टॉपेज नहीं है। जबकि जिला होने के नाते इन ट्रेनों का स्टापेज होना चाहिए जिससे स्थानीय लोग इन ट्रेनों का लाभ उठा सके। जबकि हाथरस किला से कोई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन है ही नहीं। इसके अलावा हाथरस जंक्शन से गुजरने वाली जनता व बरौनी को छोड़ दे तो अन्य किसी एक्सप्रेस ट्रेन काकोई स्टॉपेज ही नहीं है। जिससे एक्सप्रेस ट्रेनों से यात्रा करने के लिए यात्रियों को पहले अलीगढ़ एवं टूंडला पहुंचना होता है। इसके बाद ही एक्सप्रेस ट्रेनों का लाभ पाया जा सकता है।

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