टैंक में गिरी गाय को बचाने में तीन युवकों की मौत

Hathras Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
सादाबाद। कठुआ में हुए हादसे में एक युवक की मौत के सदमे से कस्बे के लोग उबरे भी नहीं थे कि शनिवार रात मथुरा रोड स्थित गांव नगला चौधरी में एक और दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में एक मकान में बने शौचालय के टैंक में डूबी गाय को बचाने के चक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई। वहीं इन युवकों को टैंक से निकालने के चक्कर में एक युवक भी घायल हो गया। आशंका जताई जा रही है कि टैंक से निकलने वाली जहरीली गैस से इनकी मौत हुई है। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक के परिजनों में हाहाकार मच गया। पूरे गांव में रविवार को चूल्हे तक नहीं जले। गांव नगला चौधरी में चंद्रवीर सिंह का मकान है। इनके मकान में शौचालय का करीब 10 फीट गहरा टैंक बना हुआ है। शनिवार रात करीब 9.30 बजे चंद्रवीर की गाय टैंक के ऊपर चढ़ गई। इससे टैंक के ऊपर पड़ी पत्थर की स्लिप अचानक टूट गई और इससे गाय उसमेें गिर गई। गाय की आवाज सुनकर चंद्रवीर सिंह का पुत्र धर्मपाल उर्फ एपी (30 वर्ष) टैंक में कूद गया। इसके बाद गांव के ही सत्यपाल उर्फ कपूरी (27 वर्ष) पुत्र प्रेमवीर और अतेंद्रपाल सिंह उर्फ कालू (20 वर्ष) पुत्र नेत्रपाल भी टैंक में कूद पडे़। कुछ देर तक गाय को निकालने का प्रयास चलता रहा, लेकिन टैंक की जहरीली गैस के कारण कारण गाय मर गई। यही नहीं, इन युवकों की हालत भी गंभीर हो गई। परिजनों के शोर मचाने पर काफी लोग आ गए। इन लोगों ने सीढ़ी आदि की सहायता से तीनों युवकों को टैंक से बाहर निकाला। परिजन इन्हें रात में ही सादाबाद सीएचसी ले गए। जहां से गंभीर हालत में तीनों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा पहुंचने के क्रम में ही धर्मपाल की मौत हो गई, जबकि सत्यपाल और अतेंद्रपाल ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। युवकों की मौत के बाद पूरा गांव शोक में डूब गया। शनिवार की रात जब ग्रामीण टैंक से युवकों को निकाल रहे थे, तो यह नहीं पता चल रहा था कि टैंक में कितने लोग गिरे हैं। ग्रामीण बार-बार आवाज देकर देखते रहे कि कोई और टैंक के अंदर तो नहीं है। टार्च, लाइट आदि लगाकर टैंक को देखा गया, लेकिन तीन युवकों के अलावा टैंक में कोई और नहीं था। टैंक में गिरने से मृत हुए युवकों में से धर्मपाल और सत्यपाल विवाहित थे, जबकि अतेंद्रपाल अविवाहित था। धर्मपाल और सत्यपाल की पत्नी तथा मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। सात जन्मों का साथ सिर्फ तीन वर्षों में ही टूट गया। वहीं अतेंद्रपाल गांव में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। धर्मपाल गांव का रोजगार सेवक था और उसकी पत्नी सविता मंस्या के एक स्कूल में शिक्षामित्र है। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में युवकों के परिजनों से चिकित्सालय स्टाफ की तीखी नोकझोंक हो गई। मृतक धर्मपाल के भाई ने बताया कि जिस समय परिजन घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां किसी बात को लेकर घायलों के तीमारदारों की चिकित्सकों से नोकझोंक हो गई। वहां काफी हंगामा खड़ा हो गया। इससे नाराज चिकित्सकों ने थाने में बिना रिपोर्ट के शवों को परिजनों को देने से इंकार कर दिया। मगर कुछ देर बाद जनप्रतिनिधियों और अफसरों के दबाव के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। रविवार की दोपहर जैसे ही गांव में मृत युवक सत्यपाल उर्फ कपूरी और अतेंद्रपाल उर्फ कालू के शव आए तो फिर से पूरे गांव में हाहाकार मच गया। शव को देखने के लिए गांव और आसपास के मजरों के हजारों लोग वहां जुट गए। गांव के लोगों की आंखों से आंसू बह निकले। बाद में गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। नगला चौधरी में हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही राजनेताओं व अन्य लोगों को लगी तो वहां उनका जमावड़ा लग गया। विधायक देवेंद्र अग्रवाल, रालोद नेता गुड्डू चौधरी, गिरेंद्र चौधरी, सुआ पहलवान आदि मौके पर पहुंच गए। इन नेताओं ने इन युवकों की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाया। इधर, पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी के 15 लाख कर्मचारियों को सौगात, एचआरए और सिटी अलाउंस हुआ दोगुना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य वेतन समिति की संस्तुतियों को संशोधित स्वरूप में लागू कर दिया गया।

17 जुलाई 2018

Related Videos

VIDEO: मौत पर सांत्वना देने आईं साध्वी प्राची पर ही लगे आरोप तो ऐसे भड़क उठीं

विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची सोमवार को सड़क हादसे में मारे गये राष्ट्र स्वाभिमान दल के जिला प्रभारी शिवम के परिजनों को सांत्वना देने हाथरस पहुंचीं। लेकिन उनका यहां विरोध शुरू हो गया। आखिर ऐसा हुआ क्यों इस रिपोर्ट में जानिए।

6 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen