प्रशासन ने कलमी सोडा पर चुप्पी साधी

Hathras Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
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सासनी। प्रशासन की लापरवाही की वजह से कलमी सोडा बनाने वाले आम लोगों की जिंदगी से खुलेआम खेल रहे हैं। खुलेआम हो रहे इसके इस्तेमाल के बावजूद जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों की चुप्पी ने समस्या को और विकराल कर दिया है। सरकार पोटाश को किसानों के उपयोग के लिए विदेशों से आयात करती है। जिसे आयात करने में सरकार अरबों रुपये की सब्सिडी देती है, लेकिन जरूरत के वक्त किसान को इसके लिए दर-दर भटकता पड़ता है। अवैध कारोबारी काला बाजारी कर इसे खरीद कर किसानों तक इसे पहुंचने नहीं देते हैं। जबकि नियमों के मुताबिक इसका आयात सिर्फ कृषि उपयोग के लिए ही किया जाता है, लेकिन किसान को कालाबाजारी से पोटाश को खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। कृषि विभाग के अधिकारियों पर भी सवाल उठता है कि पोटाश को पाने के लिए किसानों को तमाम परेशानियों का सामना क्यों करना पड़ता है। जिला उद्योग के अधिकारियों को इकाइयों के संचालन का पंजीकरण के साथ भौतिक सत्यापन भी करना चाहिए, ताकि अवैध रूप से संचालित इन उद्योगों पर लगाम लगाई जा सके। अवैध रूप से फल फूल रहे इस कारोबार से फैल रहे भयंकर प्रदूषण से आसपास के ग्रामीण का जीना दूभर हो गया है। प्रशासन की लापरवाही की वजह से पर्यावरण को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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