अलगाव की भाषा बोल रही रिपोर्ट

Hathras Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
हाथरस। जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार के वार्ता दल ने जो रिपोर्ट दी है, वह देश की संप्रभुता के लिए खतरा खड़ा करने वाली है। अलगाववादियों की ही भाषा बोल रही इस रिपोर्ट से केंद्र सरकार की तुष्टिकरण नीति की पोल भी खुली है। पाक अधिकृत कश्मीर, पश्चिमी पाकिस्तान और कश्मीर से विस्थापित हिंदुओं की रिपोर्ट ने अनदेखी की है। जाहिर है, यह हुर्रियत जैसे अलगाववादियों को ही खुश करने की कोशिश है। विहिप इस रिपोर्ट का पुरजोर विरोध करेगी।
यह बात विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) दिनेश ने शुक्रवार को यहां मीडिया से कही। वह अपने ही नाम वाले आरएसएस के प्रांत प्रचारक के पिता को श्रद्धांजलि देने उनके पैतृक गांव अहवरनपुर आए थे। उन्होंने कहा कि वार्ता दल की रिपोर्ट राष्ट्रहितों के खिलाफ है। इसे लागू किया गया तो देश की संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि वार्ताकारों ने रिपोर्ट में पाक अधिकृत कश्मीर को पाक प्रशासित कश्मीर कहा है। भारत शासित जम्मू-कश्मीर को भारत प्रशासित कश्मीर लिखा है। ऐसी ही भाषा अलगावादी दल भी बोलते हैं।
विहिप नेता ने कहा कि वार्ताकारों ने केंद्र सरकार और हुर्रियत के बीच बातचीत और नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए सलाहकार समिति बनाने का सुझाव दिया है, जबकि यह भारत की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत शरणार्थी हिंदुओं, कश्मीरी पंडितों और गुर्जरों के हित की कोई बात रिपोर्ट में नहीं है। आतंकवाद के वास्तविक कारणों की भी चर्चा इसमें नहीं है।

Spotlight

Most Read

Shimla

वन भूमि से 416 पेड़ काटने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

वन भूमि से 416 पेड़ काटने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: बच्चों के झगड़े में बड़ों ने यहां निकाली लाठियां

हाथरस में दो पक्षों के बीच जमकर लाठियां चलीं। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर खूब लाठियां भांजी । जिसके हाथ में जो आया उससे एक दूसरे को खूब पीटा। बच्चों को लेकर ये झगड़ा हुआ।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper