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न्यायिक कार्यों को लेकर डीएम और बार में टकराव

Hathras Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। न्यायिक कार्यों को लेकर डीएम और कलेक्ट्रेट बार के बीच टकराव और बढ़ गया है। गुरुवार को बार का प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर जब डीएम से मिलने पहुंचा तो डीएम के व्यवहार पर वकील एकाएक भड़क गए। वकीलों ने डीएम के व्यवहार पर कड़ा ऐतराज जताया और उनसे अपने व्यवहार और न्यायिक कार्यशैली को सुधारने की अपील करते हुए उनके कमरे से निकल आए। बाद में अधिवक्ताओं ने बार हाल में बैठक करके 15 जुलाई तक डीएम के न्यायालय का सांकेतिक बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया और 16 जुलाई को दुबारा बैठक करके आगामी रणनीति तय करने का निर्णय लिया है। इससे पूर्व वरिष्ठ अधिवक्ता कन्हैयालाल शर्मा ने डीएम के सामने अपने प्रार्थना पत्र संबंधी समस्या रखी। सतीशचंद्र वार्ष्णेय ने राज्य बनाम रमेश में पारित एकपक्षीय आदेश और एसओसी द्वारा पारित आदेश पर कोई कार्यवाही न किए जाने का मामला उठाया। महेंद्र कुमार शर्मा ने बार कक्ष के निर्माण आदि समस्याओं के निराकरण की मांग की। बार की बैठक में वक्ताओं ने डीएम की न्यायिक कार्यशैली और अधिवक्ताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार पर भी आपत्ति जताई और कहा कि फाइलों में पक्षों के अधिवक्ताओं के अंतरिम आदेशों के प्रार्थना पत्रों को भी स्वीकार नहीं किया जाता। वकीलों से इन प्रार्थना पत्रों को आम जनता के लिए रखी गई शिकायत पेटिका में डलवाने को कह दिया गया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया का असम्मान हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि 31 मई को डीएम प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त थीं और फाइलों में भी यही दर्ज किया गया, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया और आरसीएम के प्रावधानों को नजरअंदाज करते हुए एकपक्षीय रूप से फाइलों में आदेश पारित कर दिए गए। वकीलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। वकीलों ने एआईजी स्टांप द्वारा प्रशासनिक व न्यायिक कार्यों में मनमानी की भी निंदा की और कहा कि आदेशों का उल्लंघन करके वह मंगलवार को कलेक्ट्रेट कोर्ट में न्यायिक कार्यों का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। डीएम से अपील की गई कि उनके द्वारा संदर्भित शासनादेश में वकीलों व न्यायिक कार्यों के लिए समय की कोई पाबंदी नहीं है। जिसे डीएम ने माना भी, फिर भी वह वकीलों को वादकारियों के हित में वाद पत्र, आपत्ति प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र आदि पेश करने को टाइम नहीं दे रही हैं, जोकि आपत्तिजनक है। वादकारियों व आम जनता को काफी नुकसान हो रहा है। अध्यक्षता अध्यक्ष महेंद्र सिंह शर्मा ने की और संचालन सचिव चौ. महेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर ज्ञानेंद्र सिंह कुलश्रेष्ठ, गोपालदास शर्मा, गोपाल प्रसाद शर्मा, योगेंद्र मोहता, प्रेम सिंह यादव, राजनलाल शर्मा, कन्हैयालाल शर्मा, सीएल यादव, अखलाक अहमद खां, सुनील कुमार वर्मा, रतन कुमार शर्मा, दिनेशचंद्र टीटू, चौ. महेंद्र सिंह, बनी सिंह यादव, मनोहरलाल गौतम, संजय गौतम, विवेक कुलश्रेष्ठ, सत्यप्रकाश शर्मा, अनिल पाठक, सुरेंद्र गौतम, भैंरो प्रसाद शर्मा, दुर्गा प्रसाद पोरेवाल, सतीश वार्ष्णेय, मुंशीलाल, महेंद्र सिंह फरौली आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
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