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तुलाई न होने पर भड़के किसान, गेहूं की होली जलाई

Hathras Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। पिछले कई दिनों से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर पड़े किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है। गेहूं खरीद खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में अपने गेहूं तुलाई न होने से क्षुब्ध किसानों ने बुधवार को अपने कदम से पूरे जिला प्रशासन को हिला दिया। किसानों ने यूपी एग्रो के क्रय केंद्र के बाहर प्रतीकात्मक रूप में अपना गेहूं जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में उनका गेहूं नहीं तुलवाया गया तो वह अपने गेहूं को हकीकत में आग लगा देंगे। किसानों के इस प्रदर्शन से उस जिला प्रशासन की नींद टूटी, जोकि अब तक क्रय केंद्रों पर चल रही मनमानी की अनदेखी करता आ रहा था। आनन-फानन प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने क्रय केंद्र का मुआयना किया और किसानों से बात की। एसडीएम सदर ने तो मौके पर जली गेहूं की प्रतीकात्मक होली की फोटोग्राफी भी कराई गई है और अब इस मामले में मंडी समिति के दोनों क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने इस मामले में यूपी एग्रो के क्रय केंद्र प्रभारी का शाम तक जवाब तलब कर लिया है और पूछा है कि जब यह गेहूं 20 जून से यहां पड़ा हुआ है तो उन्होंने अपनी खरीद का समय खत्म होने से पूर्व ही इसकी तुलाई क्यों नहीं कराई। क्यों न उनके खिलाफ लापरवाही बरतने के लिए कार्रवाई की जाए। उन्होंने लौटती डाक से एग्रो के क्रय केंद्र प्रभारी से जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। चूंकि यूपी एग्रो की खरीद खत्म होने की वजह से पीसीएफ वालों से इसके सेंटर पर खड़े किसानों का गेहूं तुलवाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने भी बोरों और जगह की कमी बताकर तुलाई कराने से इंकार कर दिया, जबकि डिप्टी आरएमओ ने यूपी एग्रो से अपने बोरे पीसीएफ वालों को देने के लिए कह दिया था, लेकिन उसके बाद यूपी एग्रो वालों ने यह कहकर बोरे देने से मना कर दिया कि उन्होंने पिछली बार उधार लिए गए बोरे ही नहीं दिए हैं। इस तरह पीसीएफ व यूपी एग्रो वालों की इस लड़ाई में किसानों का गेहूं अधिकारियों के आदेश के बावजूद नहीं तुल पा रहा है और खरीद का समय भी निकला जा रहा है। इसी वजह से यह किसान यह कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। किसानों का कहना था कि अगर 15 दिन तक यहां तकलीफें सहकर इंतजार करने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटने को मजबूर किया जा रहा है। उनका गेहूं प्राइवेट में कौड़ियों के भाव बिकेगा। आखिर उनके इंतजार का क्या फायदा रहा। वह इतने दिनों से शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन किसी अधिकारी ने यहां आकर उनकी मदद नहीं की। अब वह यहां से तब तक नहीं जाएंगे, जब तक उनका गेहूं नहीं तुल जाएगा। यह किसान डिप्टी आरएमओ लखमी सिंह से भी मिले। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनका गेहूं जरूर तुलेगा।
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