बिना ‘कारतूस’ भेज दिया ‘लक्ष्य’ भेदने

Hathras Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
हाथरस। मलेरिया विभाग को शासन ने कीटनाशक के छिड़काव की अनुमति तो दे दी है, लेकिन जरूरत के हिसाब से कीटनाशक उपलब्ध नहीं करवाया है। ऐसे में बारिश में जब संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ेगा तो मलेरिया विभाग चाहकर भी कीटनाशकोें का अन्य इलाकों में छिड़काव नहीं कर सकेगा। अभी विभाग के पास केवल इतना कीटनाशक है, जिससे कि वह केवल सिकंदराराऊ, हसायन और सासनी में ही छिड़काव कर सकता है।
बारिश के मौसम में हर बार कई प्रकार के बुखार से 100 से ज्यादा मौतें हो जाती हैं, लेकिन यह बात अलग है कि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में यह मौतें नहीं चढ़तीं। हर बार शासन के निर्देश पर यह योजना बनती है कि मई के दूसरे सप्ताह से मलेरिया विभाग कीटनाशकों का छिड़काव कराना शुरू कर दे, लेकिन इसके लिए शासन की अनुमति आना जरूरी होता है। मई का महीना बीत गया, लेकिन शासन ने यहां मलेरिया विभाग को छिड़काव की अनुमति ही नहीं दी। अब जरूर शासन ने विभाग को डीडीटी के छिड़काव की अनुमति दे दी है। अब नई समस्या पैदा हो गई है। यहां 57 एमटी डीडीटी की जरूरत है, लेकिन केवल 35 एमटी डीडीटी ही उपलब्ध कराया है। ऐसे में विभाग ने यह योजना बनाई है कि पहले सिकंदराराऊ, हसायन और सासनी क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव किया जाए। वहां छिड़काव के बाद यदि कीटनाशक बचेगा, तब अन्य इलाकों में छिड़काव कराया जाएगा। इस संबंध में मेलेरिया अधिकारी डॉ. आरके सरस्वत ने बताया कि शासन से डीडीटी के छिड़काव की अनुमति मिल गई है। इसका छिड़काव शुरू करा दिया गया है। अभी और डीडीटी की जरूरत होगी। इसके लिए शासन से डिमांड की गई है।

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