‘मुझे अनुशासन का पाठ न पढ़ाएं लोकायुक्त’

Hathras Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा की शनिवार को कानपुर में दी गई नसीहत पर रविवार को पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने पलटवार किया। उन्होंने कहा है कि लोकायुक्त उन्हें अनुशासन का पाठ न पढ़ाएं। अनुशासन क्या होता है, वे अच्छी तरह से जानते हैं। वह 15 साल से विधायक हैं और लंबे समय तक वकालत भी की है। लोकायुक्त ने उनके खिलाफ क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर सीबीआई और ईडी जांच की सिफारिश की है। अमर उजाला से फोन पर पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें लोकायुक्त की नसीहत की जरूरत नहीं है। इस देश का कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने लोकायुक्त अधिनियमों का हवाला देते हुए कहा है कि लोकायुक्त ने जिस तरह सीबीआई और ईडी की जांच की सिफारिश की है, वह उनके क्षेत्राधिकार से परे है। उनका यह आदेश पूरी तरह से अवैधानिक और प्रावधानों के विपरीत भी है। उन्होंने लोकायुक्त के इस आदेश को अपने खिलाफ द्वेष भावना से प्रेरित होकर उठाया गया कदम बताया। विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने मंदिर श्रीदाऊजी महाराज में विधायक निधि लगाकर कोई गलत काम नहीं किया है। वे आगे भी मंदिर में विधायक निधि लगवाते रहेंगे। किसी पार्क या हॉस्पिटल पर उन्होंने कब्जा नहीं किया। उनके विरोधी समय-समय पर तरह-तरह के झूठे आरोप लगाकर जांच करवाते रहे हैं, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआ। पूर्व ऊर्जा मंत्री ने फिर यह दोहराया कि उनकी तो सीबीआई या अन्य किसी भी संस्था से जांच हो ही, साथ ही लोकायुक्त और उनके विरोधी देवेंद्र अग्रवाल की भी जांच हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने मिट्टी के तेल का काला कारोबार कर काफी संपत्ति अर्जित की है और उन्होंने ही झूठी शिकायत की और कराई हैं।
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