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शिक्षिका से तैनाती दिलाने के नाम पर ठगे 20 हजार

Hathras Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग से भर्ती होकर आई एक शिक्षिका दलालों की शिकार बन गई। दलालों ने एक ऐसे स्कूल में तैनाती दिलाने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये ऐंठ लिए, जिसमें उसके विषय के अध्यापक का कोई पद ही रिक्त नहीं है। यह पैसे उससे एसडीएम सदर के नाम पर लिए गए, जोकि मुरसान के उस स्कूल के प्राधिकार नियंत्रक भी हैं, जिसमें इस शिक्षिका की तैनाती का आदेश आयोग ने जारी किया है। अब यह शिक्षिका और उसके परिजन अपने पैसे वापस पाने के लिए न केवल दलाल को तलाश रहे हैं, बल्कि एसडीएम से भी इन लोगों ने मदद की गुहार लगाई। दरअसल, यह शिक्षिका संस्कृत अध्यापक के रूप में आयोग से यहां भेजी गई थी। इस शिक्षिका को मुरसान के जीएसएएस कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संस्कृत अध्यापक के रूप में तैनाती दी गई थी, लेकिन इस स्कूल में संस्कृत अध्यापक का कोई पद ही आयोग से स्वीकृत नहीं है यानि आयोग ने गलती से इस संस्कृत शिक्षिका की तैनाती का आदेश कर दिया। जब इस शिक्षिका ने कॉलेज में योगदान किया तो प्रधानाचार्य ने उन्हें ज्वाइन कराने से मना कर दिया। प्रधानाचार्य का साफ कहना था कि जब उनके कॉलेज में संस्कृत अध्यापक का पद ही स्वीकृत नहीं है तो वह उन्हें कैसे ज्वाइन करा सकती हैं। बेहतर होगा कि वह आयोग में जाकर अपनी तैनाती का आदेश ऐसे विद्यालय के लिए करवाएं, जहां संस्कृत अध्यापक का पद है। बताते हैं कि इस बीच यह शिक्षिका कुछ दलालों के चंगुल में फंस गई। इन दलालों ने उसे व उसके परिजनों को झांसा दिया कि एसडीएम इस कालेज के कंट्रोलर हैं और उनसे उनकी अच्छी सेटिंग है। 20 हजार रुपये में वह उन्हें ज्वाइन करवा देंगे। शिक्षिका ने उसे पैसे भी दे दिए, लेकिन उनकी ज्वाइनिंग नहीं हो पाई। जब शिक्षिका व उनके परिजन इस बारे में एसडीएम से मिले और उन्हें पूरी बात बताई तो वह दंग रह गए। एसडीएम ने प्रधानाचार्य को बुलाया और पूछा कि इनकी ज्वाइनिंग हो सकती है या नहीं तो प्रधानाचार्य ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी, जिसके बाद एसडीएम ने भी उन्हें सलाह दी कि वह आयोग में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और अपनी तैनाती में संशोधन करवाएं। इन लोगों ने एसडीएम से दलालों का पता लगाकर उनसे उनका पैसा वापस दिलवाने की मांग की है। एसडीएम मदनचंद्र दुबे का कहना है कि इस मामले में थाना मुरसान पुलिस को इस मामले की जांच का निर्देश दिया है।
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