लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो कैसे भरेगा गरीबों का पेट

Hathras Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free में
कहीं भी, कभी भी।

70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें
हाथरस। रबी की फसल पर सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से हो रही गेहूं खरीद सिकंदराराऊ तहसील के ग्रामीण क्रय केंद्रों और सोसाइटी के माध्यम से हो रही है। अब तक जिले में 3,800 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस गेहूं को सुरक्षित करने के लिए गिजरौली स्थित पीसीएफ के गोदाम और मंडी समिति के वेेयर हाउस में रखा जा रहा है।
विज्ञापन

सरकार ने इस बार किसानों को उनकी रबी की फसल पर गेहूं का उचित मूल्य दिलाने की मंशा से न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। इसमें भी किसानों को उतराई और छनाई का 10 रुपये प्रति क्विंटल देना होता है, जिससे शहर के आसपास एवं अच्छे संपर्क मार्गों वाले क्षेत्रों से तो प्राइवेट गेहूं खरीद एजेंसियों की खरीद के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं मिल रहा, जबकि सिकंदराराऊ के दुर्गम इलाकों में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों पर किसान अपना गेहूं बेच रहा है, क्योंकि उसे ट्रांसपोर्टेशन आदि पर 50 रुपये के आसपास तक का खर्च उठाना पड़ता है। जिले में अब तक 3,800 मीट्रिक टन गेहूं खरीद होने की जानकारी सरकारी आंकड़ों के आधार पर दी जा रही है। कुछ किसान अपना गेहूं पीसीएफ के उन क्रय केंद्रों पर भी लेकर आ रहा है, जहां से उसने फसल पर खाद-बीज के नाम पर कर्ज उठाया था। सोसायटियों के माध्यम से अपनी फसल में लागत लगाने के लिए खाद-बीज आदि के लिए कर्ज लिया था, लेकिन इस सब के बावजूद किसानों को तो उनके गेहूं का उचित भाव मिल रहा है, लेकिन इस बार सरकार द्वारा निर्धारित 36,400 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होती दिखाई नहीं दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us