कुत्तों से बचकर रहें! अस्पताल में एआरवी खत्म

Hathras Updated Tue, 28 Jan 2014 05:44 AM IST
हाथरस। कुत्ता काटे का मतलब इस समय डेढ़ हजार रुपये का दंड है। जिला अस्पताल में एआरवी समाप्त हो गई है और वहां रोजाना सैकड़ों मरीज भटक रहे हैं। इन मरीजों को मजबूरी में करीब डेढ़ हजार रुपये खर्च कर प्राइवेट उपचार कराना पड़ रहा है और बाजार से खरीदकर वैक्सीन लगवानी पड़ रही है। यही स्थिति अब देहात के अस्पतालों में पैदा होती जा रही है। वहां भी एआरवी की किल्लत बढ़ गई है और सीएमओ ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि उसी व्यक्ति को एआरवी लगाई जाए, जिसे वास्तव में कुत्ते ने काटा हो।
जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से कुत्ता काटे का इंजेक्शन यानि एआरवी नहीं है। जिस कमरे में एआरवी मरीजों को लगती है, उसे बंद कर दिया गया है। इसके अलावा वहां इसकी सूचना भी चस्पा कर दी गई है कि यहां इस समय एआरवी नहीं है। रोजाना कुत्ता काटे से पीड़ित मरीज या तो खुद आ रहे हैं या फिर उनके तीमारदार मरीजों को लेकर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें वहां से वापस जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना 100 से सवा सौ मरीजों को इसी तरह बैरंग लौटाया जा रहा है। अब देहात में भी सीएचसी पर एआरवी की किल्लत शुरू हो गई है। हालांकि जिले में स्टोर में एआरवी अभी हैं, लेकिन कहीं किल्लत बढ़ न जाए, इसे लेकर सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह उन्हीं मरीजों को एआरवी लगवाएं, जिन्हें वास्तव में इनकी जरूरत है। केवल शक के आधार पर एआरवी न लगाए जाएं। वैसे सीएमओ डॉ.एसके दीक्षित का कहना है कि उनके यहां पर्याप्त स्टॉक है और देहात में एआरवी की कमी नहीं हैं।

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