मानवाधिकारों का मखौल उड़ाता पुलिस-प्रशासन

Hathras Updated Fri, 24 Jan 2014 05:44 AM IST
हाथरस। देश को गणतंत्र हुए 64 साल हो गए लेकिन अभी भी यहां मानवाधिकारों का पालन नहीं होता। देश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूर मानवाधिकारों के पालन करने की शपथ ली लेकिन धरातल पर स्थिति दूसरी है। हर मौलिक अधिकार मानवाधिकार है लेकिन इसका सबसे ज्यादा मखौल पुलिस प्रशासन उड़ाता है। आज भी स्थिति यह है कि थाने व कोतवाली के बाहर मानवाधिकार के नियम कानूनोें का बोर्ड लगा रहता है, जबकि अंदर उनका मजाक बनता है। मानवाधिकार हनन की काफी शिकायतें पुलिस के खिलाफ आती हैं लेकिन इनकी जांच भी पुलिस ही करती है। ऐसे में इसका नतीजा सिफर ही रहता है। हालांकि अब जिले मेें मानवाधिकार संरक्षण न्यायालय की स्थापना हो गई है लेकिन अभी तक कमेटियां गठित नहीं हुई। वैसे इसकी मुख्य वजह यह भी है कि लोगों को उनके अधिकारों के बारे में सही तरीके से जागरूक ही नहीं किया गया।

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