जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल से गूंजा शहर

Hathras Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
हाथरस। सिख पंथ के दसवें गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव के मौके पर सोमवार को शहर में नगर कीर्तन (शोभायात्रा) धूमधाम से निकाली गई। करीब तीन दर्जन से ज्यादा झांकियों और बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा का शहर में कई जगहों पर जोशीला स्वागत किया गया। कहीं पुष्पवर्षा की गई, कहीं लंगर बांटा गया, कहीं संगत को जलपान कराया गया तो कहीं गुरु ग्रंथ साहिब की आरती उतारकर भोग लगाया गया। पूरे समय शहर का वातावरण जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल और वाहे गुरु दा खालसा, वाहे गुरु दी फतेह के उद्घोषों से गूूंजता रहा।
विज्ञापन

अलीगढ़ रोड स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार साहिब में सुबह सबसे पहले अतिथियों ने गुरुग्रंथ साहिब की अरदास की। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरिपाल सिंह ने अरदास कराई। इस मौके पर डीएम संयुक्ता समद्दर, एसपी हैप्पी गुप्तन, सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन, विधायक गेंदालाल चौधरी, ब्लाक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, गुरुद्वारे के प्रेसीडेंट राजबाबू कालरा, बसपा के लोस प्रत्याशी मनोज सोनी, सपा नगराध्यक्ष श्यामसुंदर बंटी, सपा नेता अजय शर्मा, विजय सिंह प्रेमी, हाजी फजलुर्रहमान आदि लोगों ने हिस्सा लिया। गुरुद्वारा कमेटी ने अतिथियों का पगड़ी बांधकर अभिनंदन किया। अतिथियों ने जुलूस को हरी झंडी दिखाई।


अखाड़ों और जत्थों ने दिखाए रोमांचक करतब
नगर कीर्तन अलीगढ़ रोड, तालाब चौराहा, पंजाबी मार्केट, रामलीला मैदान, बैनीगंज, घंटाघर, नजिहाई बाजार, मोती बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, सरक्यूलर रोड, कमला बाजार, बागला मार्ग, हनुमान चौक, बागला कॉलेज, गांधी पार्क होते हुए गुरुद्वारे पहुंचकर समाप्त हुआ। सबसे आगे सिख युवक बाइकों पर बसंती ध्वज थामकर शोभायात्रा का आगाज कर रहे थे। इनके पीछे महिला और पुरुष पंच प्यारों के करीब दर्जन भर जत्थे हाथों में तलवार और बसंती ध्वज थामकर चल रहे थे। गतका पार्टियां और निहंग सिंधों के जत्थे लाठी-डंडों से रोमांचक करतब और कलाबाजियां दिखाकर लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर किया तो अकाल फौजी जत्थों ने भी बारूदी धमाकों से माहौल को दहला दिया। स्कूली बच्चों के जत्थे भी देग तेह फतेह, पंथ की जीत हो, राज करेगा खालसा का नारा बुलंद कर रहे थे। ऊंट, हाथी, घोड़ों के अलावा बग्गियों में बाहर से आए सिख विद्वान सवार थे। लुधियाना के हसदा पाइप बैंड ने अपने करतबों से मनोरंजन किया। रागी जत्थे गुरु महिमा का गुणगान करते हुए चल रहे थे तो महिला संगत भी गुरु महिमा का कीर्तन करते हुए चल रही थीं। एक वाहन में लोगों को हलवे का प्रसाद वितरित किया जा रहा था। सबसे अंत में गुरुग्रंथ साहिब की फूलों से सजी पालकी लोगों की श्रद्धा का केंद्र रही। आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा, सासनी, अतरौली, हसायन, पिलखतरा, नवीपुर, पनेहरा, बहरामपुर, दिल्ली और हरियाणा से आई संगत भी साथ चल रही थी।

नगर कीर्तन में रहे शामिल
पालकी के साथ सुरेंद्र सिंह, चम्मेल सिंह, गुलशन सूरी, हरवंश अरोड़ा, स्वराज मलिक, रंजीत सिंह, सुनील अरोड़ा, मनेाहरलाल आहूजा, फकीरचंद्र दुआ, भूपेंद्र सिंह लक्ष्मी टाकीज, तिलकराज नरूला, मेघ सिंह, दयाराम अरोड़ा, तजवंत कालरा, जगीत सिंह, त्रिलोचन सिंह, शिव सिंह, हैप्पी अरोड़ा, केशव, राजू, पन्ना सिंह, खजान सिंह आदि अनेक लोग चल रहे थे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X