सपा विधायक सहित चार को किया कोर्ट ने तलब

Hathras Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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हाथरस। सपा के विधायक देवेंद्र अग्रवाल सहित चार लोगों के खिलाफ मारपीट का एक मामला न्यायालय में पहुंचा है। न्यायालय ने इस मामले में विधायक सहित चारों आरोपियों को तलब किया है। इनमें एक दरोगा भी शामिल है।
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स्थानीय बीएच ऑयल मिल रोड कल्याण कॉलोनी निवासी सत्यप्रकाश कुशवाहा ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र के मुताबिक 23 जुलाई 2012 को एक फै क्ट्री से होने वाले प्रदूषण को रोकने के सिलसिले में उसने डीएम, एसपी, एसडीएम, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की थी। यह शिकायत डाक से भेजी गई थी। यह फैक्ट्री शहर के रिहायशी इलाके में है। फैक्ट्री के संचालक दो सगे भाई रिषी कुमार अग्रवाल व रवि अग्रवाल हैं और यह सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल को अपना रिश्तेदार बताते हैं।

शिकायत के मुताबिक 19 अगस्त को रात्रि 8 बजे कोतवाली पुलिस का एक सिपाही सत्यप्रकाश को अपने साथ यह कहकर बुलाकर ले गया कि उसे कोतवाली बुलाया है और शिकायत पर उससे और वह फैक्ट्री स्वामी से बैठकर बात करनी है। सत्यप्रकाश जब कोतवाली पहुंचा तो वहां फैक्ट्री स्वामी दोनों भाई पहले से ही बैठे थे। वहां दरोगा अशोक कुमार ने उसे गंदी-गंदी गालियां दीं और फैक्ट्री संचालकों के साथ मिलकर जमीन पर डालकर मारा-पीटा। इससे उसके कान में काफी चोट आई। बाद में उसे यह धमकी भी दी कि यदि उसने फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो उसे झूठे चोरी के मुकदमे में जेल भेज दिया जाएगा। सत्यप्रकाश का आरोप है कि विधायक के प्रभाव की वजह से ही उसके साथ यह घटना हुई है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने इस प्रार्थना पत्र को परिवाद को रूप में दर्ज करने के आदेश दिए। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि परिवादी द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य से विपक्षीगण के विरुद्ध प्रथम दृष्टया धारा 323, 504, 506 का अपराध बनना प्रतीत होता है। विपक्षीगण के विरुद्ध कार्यवाही का पर्याप्त आधार है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि विपक्षीगण रिषी अग्रवाल, रवि कुमार अग्रवाल, सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल व अशोक कुमार दरोगा को धारा 323, 504, 506 के अपराध के लिए सम्मन तलब किया जाए। परिवादी 10 दिन के अंदर पैरवी करें और गवाहों की सूची दाखिल करें। पैरवी के उपरांत विपक्षी के विरुद्ध सम्मन जारी हों। सुनवाई के लिए कोर्ट ने अगली तिथि 4 मार्च नियत की है।

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