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बावन ब्लाक प्रमुख समीर सिंह के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Sat, 22 Jun 2019 11:48 PM IST
जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों का सत्यापन करते डीपीआर
जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों का सत्यापन करते डीपीआर - फोटो : HARDOI
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हरदोई। गत वर्ष फरवरी में हुए उपचुनाव में बावन के ब्लाक प्रमुख चुने गए समीर सिंह के विरुद्ध शनिवार को जिलाधिकारी के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया। सदर विधायक पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल के नेतृत्व में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान 117 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की जगह 91 सदस्य मौजूद रहे। डीपीआरओ ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की तारीख जिलाधिकारी तय करेंगे।
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शनिवार शाम पांच बजे सदर विधायक नितिन अग्रवाल, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल 91 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचे। यहां कुछ बीडीसी के साथ नितिन अग्रवाल ने बावन के ब्लाक प्रमुख समीर सिंह के विरुद्ध अविश्वास का प्रस्ताव डीएम को सौंपा। इसके बाद डीएम ने डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा को बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों का सत्यापन और शपथ पत्रों की जांच के निर्देश दिए। डेढ़ घंटे तक चली जांच के बाद सभी शपथपत्र सही पाए गए और सभी क्षेत्र पंचायत सदस्य भी मौजूद रहे। डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए कुल सदस्यों का 50 फीसदी से अधिक होना आवश्यक है। कुल 117 क्षेत्र पंचायत सदस्य बावन में है और इसके सापेक्ष 91 सदस्यों ने प्रस्ताव दिया है। ऐसे में प्रस्ताव स्वीकार करने में कोई तकनीकी समस्या नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान और चर्चा की तारीख लगाने के लिए पत्रावली रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय भेज दी जाएगी। जिलाधिकारी ही मतदान की तारीख तय करेंगे। अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के दौरान अहिरोरी के पूर्व ब्लाक प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने, मनीष चतुर्वेदी, रजनीश सिंह इटौली, अनीस पाला, सुधीर राजपूत आदि मौजूद रहे।
...तो नितिन से मनमुटाव दूर न होना बना वजह
2015 में सपा सरकार के दौरान हुए पंचायत चुनाव में धर्मेंद्र सिंह को बावन का ब्लाक प्रमुख चुना गया था। तत्कालीन सांसद और उन दिनों सपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे नरेश अग्रवाल के साथ से धर्मेंद्र सिंह की राह आसान हुई थी। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद सपा सरकार में चुने गए ब्लाक प्रमुखों के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आने का सिलसिला शुरू हुआ। भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री का आशीर्वाद पाकर समीर सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद हुए उपचुनाव में समीर सिंह निर्विरोध ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हो गए। 12 मार्च 2018 को उन्होंने शपथ ली थी। मार्च 2018 में ही दिग्गज नेता नरेश अग्रवाल अपने पूरे कुनबे के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सदर विधायक नितिन अग्रवाल और ब्लाक प्रमुख समीर सिंह के बीच मनमुटाव दूर करने की कोशिश की, लेकिन समीर सिंह बातचीत तक को राजी नहीं हुए। शनिवार को आया अविश्वास प्रस्ताव इसी की परिणाम माना जा रहा है।
95 फीसदी क्षेत्र पंचायत सदस्य साथ : नितिन
सदर विधायक पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि डेढ़ वर्ष से क्षेत्र पंचायत से कोई कार्य नहीं हुआ है। ब्लाक प्रमुख ने कोई कार्य नहीं कराए, इसके चलते क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों का आक्रोश देखते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। सदर विधायक ने 95 फीसदी क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अपने साथ होने का दावा किया।
सदस्यों को भड़काया : समीर
बावन के ब्लाक प्रमुख समीर सिंह ने कहा कि भाजपा शासन में संगठन ने मुझे ब्लाक प्रमुख बनाया था। संगठन कहेगा तो मै इस्तीफा दे दूंगा। समीर ने कहा कि सदर विधायक ने क्षेत्र पंचायत से कोई विकास कार्य नहीं होने दिए। कार्ययोजनाओं तक को पास नहीं होने दिया गया। समीर सिंह ने आरोप लगाया कि नितिन अग्रवाल ने कार्य न होने से परेशान क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भड़काकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। पूरे मामले की जानकारी संगठन के उच्च पदाधिकारियों को दे दी गई।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष का कथन
बावन ब्लाक में गत वर्ष हुए सत्ता परिवर्तन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रहे श्रीकृष्ण शास्त्री नेे बताया कि उन दिनों की राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी को मजबूत करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाकर समीर सिंह को ब्लाक प्रमुख बनाया गया था। बाद में दिग्गज नेता नरेश अग्रवाल और उनके पुत्र सदर विधायक नितिन अग्रवाल भी भाजपा में शामिल हो गए। निवर्तमान जिलाध्यक्ष का दावा है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं और नरेश अग्रवाल ने भी समीर सिंह और नितिन अग्रवाल को साथ बैठाकर मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस बाबत समीर सिंह से कई बार बात की गई, लेकिन पार्टी हित से अधिक वह अपना हित देखने लगे। आज जो परिस्थिति बनी है उसके लिए समीर सिंह स्वयं जिम्मेदार हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने बताया कि मीडिया के माध्यम से अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बारे में जानकारी मिली है। पूरे मामले से अवध क्षेत्र के प्रभारी और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर को अवगत करा दिया गया है। उनकी तरफ से जो भी निर्देश मिलेंगे उसी हिसाब से आगे निर्णय लिया जाएगा।

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