लडुअन का भोग चढ़े और चढ़े मेवा

Hardoi Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
‘देवी-देवताओं में सबसे आगे जिनका नाम लिया जाता है, उनका आगमन हो चुका है। सिद्धि विनायक गणेशजी को श्रद्धालु तन-मन-धन से प्रसन्न करने में लगे हुए हैं, पर जानकारों का कहना है कि मुरादों व मन्नतों को पूरा करने वाले इन दिनों में यदि नियमों को व्यवहारिक जीवन में भी जगह दी जाए तो गणेश तन, मन को स्वस्थ खने के अलावा भरपूर धन लाभ देने का भी आशीर्वाद दे सकते हैं। गणेश उपासना को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से होकर अनंत चतुर्दशी 10 दिनों को मुरादों व मन्नतों को पूरा करने को बहुत ही शुभ माना गया है। गणेशजी की कृपा को व्यवहारिक जीवन में कुछ बातों का पालन करें, तो यह तन, मन को स्वस्थ रखने को भरपूर धन लाभ देने वाली है। शास्त्री उमाकांत दीक्षित का कहना है कि गणेश सभी की मनोकामना को पूरा करने वाले हैं, इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह जरूरी है कि जो नियम हैं, उनको अपने जीवन में भी गणेश के दिनों में अवश्य लाए। किसी काम के पहले गणेशजी का स्मरण जरूर करें। हर रोज भगवान गणेश के दर्शन करने के बाद उनका विधि विधान से पूजन करें। पूजा में गणेश कवच, गणेश चालीसा व गणेश के 108 नाम पाठ जाप करना चाहिए। पूरी श्रद्धा, आस्था व मन को एकाग्र कर गणपति की उपासना करनी चाहिए। गणेश मंत्रों का जाप लाल चंदन की माला से करना चाहिए। उपासना के समय बिना सिले कपड़े आदि पहनना चाहिए। घी का ही दीपक जलाना चाहिए। हर रोज मूंग की खिचड़ी या लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए और रंगीन फूलों की माला चढ़ानी चाहिए।’
हरदोई। आसमान छूती महंगाई के दौर में जनता भले ही अपनी रोजी रोटी और कपड़ा जैसी बुनियादी जरूरतों के बजट में कमी कर रही हो, पर जब बात भक्ति की आती है, तो कंजूसी जैसे शब्द कोई मायने नहीं रखते। गणेश महोत्सव के दौरान जिससे जो बन रहा, वह जुटा रहा है, पर महंगाई का असर गणेश उत्सव पर साफ दिख रहा है। जिम्मेदारों की ही मानें तो पिछले साल जो उत्सव 10 से 12 लाख में संपन्न हुआ था, वही अबकी 20 लाख तक पहुंचने की संभावना है।
विनायक समिति के तत्वावधान मेें अग्रवाल धर्मशाला में होने वाले गणेश उत्सव की लागत साल दर साल बढ़ती जा रही है, पर समिति से जुड़े सदस्यों की भक्ति श्रीगणेश को लेकर महंगाई पर भी हावी है, इसलिए उनकी तरफ से बजट को दरकिनार कर उत्सव को पूरे जोश के साथ मनाया जा रहा है। समिति ही नहीं घरों आदि में आयोजन करने वालों को भी महंगाई का दंश झेलना पड़ रहा है, पर इसके बाद भी उनका मनोबल टूट नहीं रहा है। समिति के महामंत्री अपूर्व महेश्वरी से जब इस बार के बजट का अनुमान बताने को कहा गया, तो उनका कहना था कि उत्सव में महंगाई नहीं जज्बा देखा जाता है।
गणेशजी को लेकर दिलों में आस्था आंकी जाती है, जो हम लोगों में साल दर साल बढ़ ही रही है। वैसे महंगाई की बात करें, तो यह भी सच है कि आस्था के साथ महंगाई भी आसमान छूने को तैयार है। पिछली बार जहां एक ओर पूरा उत्सव 10 से 12 लाख में इतनी आकर्षक तरीके से निपटाया गया था, वहीं अबकी अभी से ही 15 से 20 लाख का अनुमान लगाया गया है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है वही कार्यक्रम, उसकी भव्यता भी उतनी, पर खर्चा दो से तीन गुना होने जा रहा है।
इंसेट---
क्या करें क्या न करें---
कम मसाले व तेल का आहार लें, प्याज, लहसुन का सेवन न करें, मांस मदिरा से दूर रहें, बुराई व गुस्सा न करें, पूजन काल में नाखून आदि न चबाए आदि।

Spotlight

Most Read

Meerut

राहुल काठा की सुरक्षा में पेशी

राहुल काठा की सुरक्षा में पेशी

23 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper