छोटों का पंजीकरण, बड़े लेंगे लाइसेंस

Hardoi Updated Fri, 07 Sep 2012 12:00 PM IST
हरदोई। अब खोखा, खोमचा या ठेला से लेकर आलीशान दुकानों में खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों को खाद्य विभाग में पंजीकरण या लाइसेंस लेना पड़ेगा। शासन स्तर से इस ओर कड़ा रुख अख्तियार किया गया है। पहले शहरी, कसबा और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य विभाग अभियान चलाकर दुकानदारों को नोटिस देकर पंजीकरण कराने या लाइसेंस बनवाने की चेतावनी देगा, इसके बाद पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की तरफ जारी आदेश पर गुरुवार को खाद्य सुरक्षा अफसरों को निर्देश जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 31 (1) के अनुसार कोई भी खाद्य कारोबारी बिना पंजीकरण या लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित नहीं कर सकता है, पर छोटी चाय की दुकानों या होटलों की बात छोड़ दें बड़े-बड़े होटल भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अभिहित अधिकारी सुरेश मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार से जिले में अभियान शुरू किया जा रहा, जिसमें 30 सिंतबर तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी शहरी, कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की बिक्री या कारोबार करने वालों का चिह्नीकरण कर उन्हें नोटिस देते हुए जिला मुख्यालय पर सूची देंगे। खाद्य कारोबारियों की सूची पांच अक्टूबर तक शासन को भेजकर सभी चिह्नित कारोबारियों का 31 अक्तूबर तक पंजीकरण या लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
बताया कि चिह्नित कारोबारियों में जो 31 अक्तूबर तक पंजीकरण या लाइसेंस नहीं बनवाएगा, उस पर कार्रवाई करते हुए शासन को सूची भेजी जाएगी। इसके बाद प्रदेश स्तरीय टीम निरीक्षण अभियान चलाएगी और बिना पंजीकरण या लाइसेंस के खाद्य कारोबार करने वालों पर कार्रवाई होगी और क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी को भी जिम्मेदार मानते हुए उसे भी दंडित किया जाएगा। अब स्थाई स्टाल, ठेला ठेलिया पर चलता फिरता खाद्य पदार्थ बेंचने, घरों में कैंटीन, चाय की दुकान, खाने पीने का सामान बेंचने, धार्मिक स्थलों या मेलों में खाने की वस्तुएं बेंचने, दूध बेंचने, ढाबा, मछली, मांस की दुकान आदि लगाने वालों को पंजीकरण कराना होगा। खाद्य विभाग उसे प्रमाण पत्र और पहचान पत्र देगा, जो एक साल तक मान्य होगा।
होटल, क्लब, रेस्तरां, फुटकर या थोक में किराना आदि की दुकान कराने वाले बड़े खाद्य कारोबारियों की श्रेणी में रखे गए हैं। अभिहित अधिकारी ने बताया कि बड़े कारोबारियों को दुकान का नक्शा नजरी, दुकान के स्वामित्व के कागजात, खाद्य पदार्थ के अवयव का नमूना, कार्य करने वालों की सूची और उनका स्वास्थ्य प्रमाण पत्र आदि के साथ निर्धारित प्रोफार्मा पर लाइसेंस को आवेदन करना होगा। उधर, अभिहित अधिकारी मिश्रा ने बताया कि अभियान में बिना लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य पदार्थ बेंचने वालों को छह माह तक का कारावास या एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

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