झोले में रुपए, जेब में सब्जी, ऐसी है महंगाई

Hardoi Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
हरदोई। बारिश न होने का खामियाजा लोगोें को बढ़ती महंगाई के रूप में उठाना पड़ रहा है। आलम यह है कि बारिश न होने से सब्जियों का उत्पादन गिरने के साथ ही बाजार में भाव आसमान को छूने लगा है। कीमतों के लिहाज से शहर में सब्जियों के भाव ने नया रिकार्ड बना दिया है। बढ़ती महंगाई में सब्जी की खरीदारी में लोगों की जेब खाली हो रही है।
विज्ञापन

सब्जी विक्रेताओं को याद नहीं है कब 40 रुपए किलो के भाव पर तोरई बिकी थी। बरसाती मौसम की सबसे ज्यादा प्रचलित एवं बिकने वाली तोरई शहर में पहली बार 40 रुपए किलो के भाव पर पहुंची है। इसी तरह से घुइयां के भाव 30 से 40 रुपए किलो पर पहुंच कर लोगों को मन मसोस कर रहने को मजबूर कर रहा है। इतना ही नहीं गांव-गांव, घर-घर में छप्परों एवं खेतों में लगाई जाने वाली लौकी का भाव पहली बार 60 रुपए किलो तक जा पहुंचा है। तालाबों एवं नहरों के किनारे उत्पादित होने वाले भसीड़े एवं नारी की सब्जी का भाव काफी चढ़ा हुआ है। कहीं 40 रुपए तो कहीं 50 रुपए किलो का भाव चल रहा है।
धनिया एवं मिर्ची के दाम भी लोगों के स्वाद को कसैला कर रहे हैं। इतना ही नहीं गोभी का भाव 80 रुपए किलो चल रहे हैं, जबकि टमाटर एवं भिंडी का भाव भी 60 रुपए किलो के पास चल रहा है, जिससे छोटे दुकानदारों के पास सब्जियों को बड़ी तादाद में रखने की हिम्मत नहीं बची है। आलू का भाव भी 16 रुपए के पास चल रहा और छोटे आम के दाम भी इसी के आस पास चल रहे हैं। आम आदमी के लिए भरपेट खाने के साथ भरपेट सब्जियां आदि खाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि सब्जियों के आसमान छूते भाव के साथ ही आटा, चावल, मसाला, तेल, दामों के भी भाव चढ़ने लगे है।
सब्जी विक्रेता आरिफ नवाब के अनुसार सब्जियों के दाम पिछले साल की अपेक्षा 40 से 50 फीसदी तक चढ़े हुए हैं, क्योंकि मांग के अनुसार सब्जियों का उत्पादन नहीं हुआ है। उधर, सब्जियों का राजा और फलों के राजा की नजदीकी ने लोगों का स्वाद बिगाड़ दिया है। आज आलू के भाव आम के दामों की बराबरी पर पहुंच गए है। कभी आलू खाकर गुजारा करने वालों का इस महंगाई में हाल बेहाल है। उधर, सत्तू खाकर गुजारा करने वाले गरीब को अब वह भी नसीब होता नजर नहीं आ रहा। आटा 16 से 20 रुपए किलो की दर पर बिक रहा है, जबकि सत्तू 40 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं शक्कर 33 रुपए तो गुड़ 35 रुपए किलो बिक रहा है।
इंसेट
बोले, व्यापारी नेता
‘व्यापारी नेता पवन जैन एवं सुरेंद्र सिंह गौर का कहना है कि इस बार सबसे ज्यादा दाम सब्जियों कें चढ़े हैं जिसके पीछे अहम कारण बारिश का न होना है। बारिश न होने से सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हुआ और मांग के अनुरूप सब्जियां न मिलने से दाम काफी चढ़े हुए हैं। बारिश न होने से आगे खरीफ फसलों के उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा, जो चिंता का विषय है।’
इंसेट---
सब्जियों के औसत मूल्य (प्रति किलो)---
आलू-16 रुपए, प्याज-15, लहसुन-40, घुइयां-30, परबल-60, कुंदरू-40, करेला-30, सोया-40, भिंडी-60, लौकी-60, टमाटर-60, तुरई-40, नारी-10, भसीड़े-40, कटहल-10, कद्दू-16, धनिया-90, मिर्ची-90, गोभी-80 और अदरक 60 रुपए किलो।
इंसेट---
आटा-चावल आदि के दाम (प्रति किलो)
आटा-16 से 20 रुपए, सूजी मैदा-16 से 18, रवा मैदा-16 से 18, चावल सामान्य-24 से 30, दाल अरहर-60 से 65, दाल मूंग-65 से 70, दाल उर्द-60 से 65, मटर-32 से 35, छोला-90 से 95, मिर्चा-110 से 120, धनिया-80 से 85, जीरा-200 से 220, सरसों तेल-95 से 100, डालडा घी-74 से 75, रिफाइन तेल-85 से 90 और नमक -10 से 12 रुपए किलो।
नोट- सभी आंकड़े दुकानदारों से बातचीत पर आधारित।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us