बच्चे शिक्षा अवश्य ग्रहण करें

Hardoi Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। जो बच्चे किसी भी अपराध या गलती के कारण संप्रेक्षण गृह में हैं। वह यहां से वापस जाने के बाद पुन: समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकते हैं, जो गलती हुई है उसका प्रायश्चिचत कर उसे भूल जाएं। अच्छे बुरे की पहचान कर नए जीवन में प्रवेश करें।
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यह बात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक त्रिवेदी ने रविवार को बाल संप्रेक्षण गृह में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में कही। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा अवश्य गृहण करें। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजमणि ने कहा कि बच्चों को विधि के साथ ही साथ नैतिक ज्ञान को भी सीखना चाहिए। बचपन में हुई भूल या गलती के भविष्य में भीषण परिणाम भी हो सकते हैं। जिस देश के बच्चे बेहतर हैै वह राष्ट्र उन्नित करता है। एसीजेएम सुदीप जायसवाल ने कहा कि गलतियां सभी से होती हैं। उन्होंने सदा सच बोलने, बड़ो एवं गुरुओं का आदर करने व क्रोध न करने की सलाह दी।
किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट डा. अवनीश कुमार ने कहा कि शिक्षा की कमी या पारिवारिक परिस्थितियों वश बच्चों से अपराध हो जाते हैं। बताया कि वह अपने स्तर से बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रयासरत हैं। प्राधिकरण सचिव सिविल जज डा. जया पाठक ने संचालन करते हुए बच्चों से उनकी समस्याएं जानी। शिविर में न्यायिक अधिकारी लक्ष्मीकांत शुक्ला, कमलकांत श्रीवास्तव, अर्चना, संप्रेक्षण गृह अधिकारी भानु प्रताप सिंह, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य संतराम, अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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