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खरीफ की फसल को खाद-बीज का संकट

Hardoi Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। कुदरत की मार झेल रहे किसानों को खरीफ की फसल को खाद-बीज को भी जूझना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद उन्हेें बीज को धक्के खाने पड़ रहे है। यह स्थिति तब है जब लक्ष्य के सापेक्ष पर्याप्त मात्रा में बीज व खाद की उपलब्धता के दावे किए जा रहे है। उधर, बारिश कम होने से धान की रोपाई पिछड़ गई और अन्य फसलें भी प्रभावित हो रही हैं।
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जिले में 2.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की फसल को धान, मक्का, उर्द, तिल व मूंगफली का भी डिमांड के अनुरूप मुहैया होनेे पर भी ब्लॉक स्तर पर हो रहे वितरण में गड़बड़ियां बढ़ती जा रही है। किसान सुबह से केंद्र पर कतार में लग जाता है, इसके बाद भी उसे शाम तक बीज मुहैया नहीं हो रहा है। किसानों की मानें तो इन केंद्रों पर दलालों को बोलबाला है, जिससे उन्हें केवल धक्के खाने पड़ रहे हैं। बिलग्राम स्थित सहकारी बीज भंडार पर शुक्रवार को किसानों की भीड़ सुबह से ही जमा रही। गर्मी के बावजूद किसान बीज के लिए शाम तक डटे रहे, पर कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
मल्लावां में सुबह से ही कृषि रक्षा इकाई पर किसानों की भीड़ जमा थी। इस केंद्र पर दो काउंटर लगाए गए। जिनमें किसान बही लेकर न आने वालों को मक्के के बीज पर 5 रुपए अतिरिक्त देने पड़ रहे थे। कुछ किसानों ने विरोध किया तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। केंद्र प्रभारी शेर सिंह ने ज्यादा रुपए वसूलने के आरोप को गलत बताया। शाहाबाद के राजकीय कृषि भंडार गृह पर बीज मुहैया है, पर मक्का के बीज की डिमांड अधिक है। वहीं किसान इफको सेवा केंद्र पर डीएपी के साथ किसानों को नाइट्रोजन का पैकेट जबरन दिया जा रहा है। इसके लिए किसान को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे है।
उधर, संडीला क्षेत्र मेें केंद्रों पर खाद मुहैया नहीं है, जबकि बीज पर्याप्त मात्रा में होने का दावा किया जा रहा है। सवायजपुर क्षेत्र में किसान बीज-खाद को परेशान नजर आ रहे है। बाढ़ प्रभावित इस क्षेत्र में पहले ही खरीफ की फसल काफी पिछड़ गई है। ऐसे मेें समय पर बीज न मिलने पर उत्पादन पर भी असर पड़ने के आसार है। उधर, मानसून पिछड़ने से खरीफ की फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने के आसार है। मौसम वेधशाला के अनुसार अब तक मात्र 38 मिमी वर्षा हुई है, जबकि धान की रोपाई को 100 मिमी. वर्षा होनी चाहिए।
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बोले, डीडी
‘उपनिदेशक कृषि बृजेश चंद्र ने बताया कि खरीफ की फसल को खाद-बीज की कमी नहीं है। यूरिया की उपलब्धता कुछ कम है, पर रैक जल्द ही आ जाएगी। जिन क्षेत्रों मेें केंद्र पर किसान को बीज-खाद मिलने मेें कठिनाई आ रही है, वह उसकी शिकायत करें तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।’
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