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विद्यालयों पर लगाम, अभिभावकों को कमान

Hardoi Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। परिषदीय स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत भेजी जाने वाली धनराशि में मनमानी नहीं हो सकेगी। प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों के हिसाब से कार्य करवाने पड़ेंगे। स्कूलों में गठित प्रबंध समितियों का बैंकों में खाता खुलवाया जाएगा और धनराशि अब प्रबंध समितियों के खातों में ही आएगी। समिति अध्यक्ष अभिभावक और पदेन सचिव प्रधानाध्यापक संयुक्त हस्ताक्षरों से खाता संचालित करेगा।
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सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूलों में कई कार्यों का संचालन ग्राम शिक्षा समितियों के माध्यम से कराया जाता है। प्रधान व संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षरों से संचालित खाते में भेजी जाने वाली धनराशि से अभियान के सभी कार्य करवाए जाते हैं, पर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान ने अब बदलाव कर दिया है और स्कूल प्रबंध समितियों के खाते खुलवाकर उनमें टीचर ग्रांट, निर्माण कार्य, मेंटीनेंस ग्रांट, स्कूल ग्रांट, बच्चों की ड्रेस एवं अन्य मदों के कार्यों की धनराशि भेजने का आदेश दिया है। समिति व राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के बारे में जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बलवीर शास्त्री ने बताया कि जिले के 2833 प्राथमिक, 1025 उच्च प्राथमिक और 44 सहायता प्राप्त स्कूलों में 3624 स्कूल प्रबंध समितियां गठित हैं।
15 सदस्यीय समिति में बच्चों में एक अभिभावक अध्यक्ष व 11 अन्य अभिभावकों के साथ ग्राम सभा का एक निर्वाचित सदस्य, गांव का लेखपाल, एएनएम सदस्य और प्रधानाध्यापक समिति का पदेन सचिव होता है। बताया कि अधिकांश स्कूलों में समितियों का गठन है और जहां-जहां गठन नहीं है, वहां पर समितियों का गठन कराया जाएगा और निदेशक के आदेश पर सभी समितियों के अध्यक्ष व पदेन सचिव के संयुक्त हस्ताक्षरों से बैंकों में खाता खुलवाया जाएगा। ग्राम शिक्षा निधि के खातों की धनराशि विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में जाएगी और उसी से टीचर, निर्माण कार्य, मेंटीनेंस, स्कूल ग्रांट, बच्चों की ड्रेस एवं अन्य कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में जो समितियां गठित हैं, दो वर्ष तक वही काम करेंगी।
उधर, स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जितने भी कार्यों की धनराशि भेजी जाती थी वह ग्राम शिक्षा निधि के खातों में आती है। प्रधान व प्रधानाध्यापक संयुक्त खातेदार होता है, और वही दोनों मिलकर कार्य करवाते हैं, पर अब स्कूल प्रबंध समितियों के खातों में धनराशि भेजने और उन्हीं से कार्य करवाने की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे ग्राम शिक्षा निधि का वित्तीय अधिकार खत्म हो जाएगा। इस आदेश से तो अब प्रधानों का केवल मिड-डे मील बनवाने में ही हस्तक्षेप रहेगा, शेष कार्य स्कूल प्रबंध समिति ही करवाएगी।
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