सवा पांच लाख बच्चों को मिलेगी स्कूली ड्रेस

Hardoi Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए खुशखबरी है। नवीन शैक्षिक सत्र में जिले के पांच लाख 25 हजार 287 बच्चों को स्कूली ड्रेस मिलेगी, जिसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले तीन लाख साढ़े नौ हजार बालिकाओं और दो लाख से ज्यादा दलित, गरीब पिछड़े वर्ग के बालकों को ड्रेस तो दी ही जाएगी, जिले के साढ़े 11 हजार गरीब बच्चों का मान्यता प्राप्त हिंदी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में निशुल्क प्रवेश कराकर उन्हें उस स्कूल की ड्रेस दी जाएगी।
अबकी एक नहीं दो जोड़ी ड्रेस बच्चों को दी जाएगी। जिसके लिए प्रति बच्चा 400 सौ रुपए के हिसाब से जिले को 21 करोड़ से अधिक धनराशि मिल रही है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं और गरीब वर्ग के बच्चों को स्कूली ड्रेस दी जाती है, पर नवीन शैक्षिक सत्र में सरकारी, सहायता प्राप्त के साथ निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक के गरीब बच्चों को भी स्कूली ड्रेस दी जाएगी। इसके लिए जिले के परिषदीय 2833 प्राथमिक और 1025 उच्च प्राथमिक व 44 सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ 1150 मान्यता प्राप्त स्कूलों के पांच लाख 25 हजार 287 बच्चे चिह्नित किए गए हैं।
परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाली सभी वर्ग की 30 लाख नौ हजार 557 बालिकाओं तथा बालकों में अनुसूचित जाति के 10 लाख नौ हजार 904 व गरीब पिछड़े वर्ग के 94 हजार 410 बालकों को स्कूल ड्रेस मिलेगी। उधर, जिले के 1150 मान्यता प्राप्त असहायतित व सात सीबीएससी व अन्य बोर्ड के स्कूलों में 11 हजार 416 बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश कराया जाएगा और उन्हें उस स्कूल की ड्रेस दी जाएगी। अबकी बच्चों को एक नहीं दो जोड़ा ड्रेस मिलेगी, जिसके लिए प्रति बच्चा 400 सौ रुपए खर्च होंगे। जिसके लिए जिले को 21 करोड़ एक लाख 14 हजार आठ से रुपए की धनराशि मिलेगी।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बलवीर शास्त्री ने बताया कि 19 जून को राज्य परियोजना कार्यालय में हुई बैठक में निर्देश जारी कर दिए गए हैं और शीघ्र ही धनराशि भी भेजी जा रही है। बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बताया कि धनराशि आते ही बच्चों की ड्रेस का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उधर, कंपनियों या संस्थाओं से ड्रेस न खरीद कर कपड़ा खरीद कर बच्चों की नाप के हिसाब से ड्रेस बनवाने का इंतजाम किया जा रहा है। विभाग प्रधान और प्रधानाध्यापकों के खातों में धनराशि भेज कर बच्चों की नाप के अनुसार ड्रेस बनवाई जाएगी।
इंसेट
कमीशनबाजी के खेल पर कसी जाएगी नकेल
हरदोई। बच्चों की ड्रेस में हर वर्ष खेल होता है। गत शैक्षिक सत्र में कमीशनबाजी का रिकार्ड ही टूट गया। अब दो जोड़ी ड्रेस को 400 रुपए भेेजे जाएंगे, पर राशि में खेल रोकने को इंतजाम किए जा रहे हैं। ड्रेस की जांच को प्रदेश स्तर से टास्क फोर्स बनेगा और उसके साथ ही जिला स्तर पर भी अफसरों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

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