तत्काल आरक्षण, दो सुविधा शुल्क!

Hardoi Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। रेलवे ने भले ही तत्काल आरक्षण की सेवा देकर यात्रियों को राहत प्रदान कर रखी हो, पर रेलवे स्टेशन पर तत्काल कोटे में आरक्षण पाना सामान्य यात्री के बस की बात नहीं है। तत्काल कोटे में रिजर्वेशन को लाइन नहीं, बल्कि सुविधा शुल्क को महत्व दिया जाता है, जिससे लोगों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेशन पर तत्काल में आरक्षण कराना सभी के बस की बात नहीं रह गई है। अभी तक स्टेशन के वेंडर लोगों ने से तीन से चार सौ रुपए अतिरिक्त लेकर रात से ही लाइन में लग जाते थे, पर अब तो जिम्मेदारों ने सुविधा शुल्क लेकर तत्काल में आरक्षण करना शुरू कर दिया है और अतिरिक्त के रूप में 5 से 6 सौ रुपए की मांग की जाती है। इन दिनों ट्रेनों में इस कदर भीड़ हो रही कि एक बर्थ पाने को लोग धनराशि देने कोतैयार हो जाते हैं। तत्काल में आरक्षण करानेे को यात्री रात में ही लाइन लग जाते हैं, पर जब सुबह आठ बजे काउंटर खुलता है तो बाहर टिकट बने, इससे पूर्व ही जिम्मेदार अपने टिकट बनाने शुरू कर देते हैं।
जब तक बाहर के व्यक्ति का नंबर आता है, तब तक तत्काल का कोटा फुल हो जाता है। ऐसे में लोगों को मायूस होेकर लौटना पड़ता है। रेलवे तत्काल आरक्षण में हो रहे खेल के बाबत लोगों ने शिकायत भी की, पर कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। स्टेशन पर कोई सक्षम अधिकारी न होने से कर्मियों की मनमानी चल रही हैै। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक अनिल गुप्ता ने मंडल के अफसरों से शिकायत करने की बात कही है।
उधर, तत्काल में आरक्षण को स्टेशन पर पूरी तरह से कमाई का जरिया बना दिया गया है। लाइन में लगने को तो लोग पैसे लेते थे, अब तो लाइन में स्थान की बिक्री भी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि शाम से वेंडर व स्टेशन में सक्रिय लोग स्थान घेरना शुरू कर देते हैं और जब रात को कोई व्यक्ति आता है तो उक्त स्थान को सौ से दो सौ रुपए में बेच देते हैं। रेलवे के जिम्मेदारों की शह पर चल रहा यह कारोबार भी पांव पसार रहा है। जिस पर बड़े अफसर नजर नहीं दौड़ा पा रहे हैं।

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