विज्ञापन

नहीं मिलेगी पीआरडी को सुरक्षा की

Hardoi Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
हरदोई। प्रांतीय रक्षक दल के जवानों को निकाय चुनाव में काम मिलने की काफी उम्मीदें थी, पर वह अब धूमिल ही नहीं, बल्कि मिट सी गई हैं, क्योंकि एसपी कार्यालय से सूचना मांगने के बाद भी फिलहाल अभी तक इनको सुरक्षा का दायित्व सौंपने को लेकर कोई हामी नहीं भरी गई है, जिससे पीआरडी जवानों में असंतोष की लहर दौड़ गई है।
विज्ञापन

बताया गया कि पीआरडी जवानों को इन्हीं कार्यक्रमों का इंतजार रहता है, ताकि न सिर्फ उनकी यूनीफार्म का प्रयोग हो सके, बल्कि कुछ दिनों के लिए ही सही उनको रोजगार मिल सके । पीआरडी जवानों की मानें तो अब तो वह नाम के ही जवान रह गए हैं। वर्दी उनको दे तो दी जाती है, पर ड्यूटी वर्ष में अब तो दो माह में भी नहीं मिल पाती। जिसको लेकर उन्हें चुनाव, मेले जैसे वृहद कार्यक्रमों का ही इंतजार रहता है, जिसमें उनक ी ड्यूटी आदि लगवाई जा सकती है, जिससे उनको कुछ दिन का ही सही, पर रोजगार प्राप्त हो जाता है। इधर, निकाय चुनाव को लेकर भी पीआरडी जवानों को काफी उम्मीदें थी जिसको लेकर युवा कल्याण अधिकारी से कुछ पीआरडी जवानों ने मिलकर मांग भी की थी।
इधर, विभागीय अफसरों का कहना है कि इस बाबत निकाय चुनाव की शुरुआत में ही एसपी दफ्तर से उनके यहां के सक्रिय जवानों की संख्या मांगी गई थी, जिसके बाद उनके द्वारा उसकी डिटेल भी प्रेषित कर दी गई थी, पर वहां से कोई इस तरफ पूछने पर भी जवाब नहीं आया। यही बताया गया कि जरूरत होगी तो सूचना विभाग को भिजवाई जाएगी। इधर, इस उपेक्षा से पीआरडी जवान अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब तो खेती बाड़ी व मजदूरी पर ही भरोसा रह गया है और उनके परिवार का पालन पोषण भी उसी पर निर्भर करता है। नाम न बताने की शर्त पर जवानों का कहना है कि एक समय ऐसा आएगा कि जब जवानों को खोजा जाएगा, पर वह ढूंढे नहीं मिलेंगे।
इस बाबत युवा कल्याण अधिकारी आरए सैनी ने बताया कि जब इस बाबत पुलिस प्रशासन द्वारा उनसे सूचना मांगी गई तो उनके द्वारा मुहैया करा दी गई। इसके बाद यदि फिर से मांगी जाती है तो तत्काल मुहैया कराया जाएगा। विभाग की ओर से जितनी मदद जवानों को दी जा सकती है उतनी दी जाएगी।
इंसेट
बारह सौ के बाद अब मात्र बचे 260
हरदोई। जिले के प्रांतीय रक्षक दल में कितना दम बचा है या उन्हें कितनी सुविधा मिल पा रही, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि एक समय ऐसा भी था कि सक्रिय जवानों की संख्या जिले में 12 सौ से कहीं ज्यादा थी, पर अब मात्र 260 ही रह गई है। अफसरों का कहना है कि ड्यूटी न मिलने से ही यह बची हुई संख्या देखने को मिल रही है। आगे भी यही हाल रहा तो इतनी संख्या बचा पाना भी मुश्किल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us