अब गांवों में खोजे जाएंगे कुपोषित बच्चे

Hardoi Updated Thu, 24 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। अब गांवों में सर्वे कर कुपोषित बच्चे खोजे जाएंगे। चिह्नित किए गए कुपोषित महिलाओं और बच्चों को सरकारी सहायता से स्वास्थ्य कराया जाएगा। इसके लिए गांव गांव गठित ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों का नाम ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति कर दिया गया है। प्रदेश के 41 जिलों में शुरू की गई इस योजना में हरदोई को भी शामिल किया गया है।
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ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों का गठन कराया गया था। समितियों को गंावों में बीमारी की रोकथाम और गरीबों की स्वास्थ्य व्यवस्था का इंतजाम कराना था। इसके लिए प्रति वर्ष समिति को 10 हजार रुपए भी दिए जाते थे। वर्ष 2007-08 से शुरु की गई योजना में समितियों को वर्ष 2010-11 तक धनराशि भेजी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन द्बारा सर्वे कराया गया तो सर्वे में प्रदेश के 41 जिलों में पांच वर्ष की आयु तक के बच्चों की मृत्यु दर अधिक होने की बात सामने आई और इसे दूर करने का इंतजाम कर ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों का नाम बदल कर ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति कर दिया गया और पोषण समिति को गरीबों की स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ साथ उनके जिम्मे गांवों में महिलाओं और बच्चों का कुपोषण रोकने की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
विभाग द्बारा दी गई जानकारी में बताया गया कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति पोषण के संबंध में जागरुकता फैलाने के साथ लोंगों को स्वास्थ्य रहने में पोषाहार के महत्व की जानकारी देगी। क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों के कुपोषण का सर्वेक्षण कराएगी और क्षेत्र में अधिक से अधिक पोषक खाद्य पदार्थो को बढ़ाना देगी। एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशाबहुएं एवं मुख्य सेविका पोषण की आवश्यकताओं का निर्धारण कर ग्राम स्वास्थ्य कार्य योजना तैयार करेंगी और गांवों में स्वास्थ्य एवं पोषक दिवस बनाकर उन्हें जागरुक करने का कार्य करेगी। बच्चों में कुपोषित बच्चों की देखभाल और उन्हें स्वस्थ्य करने के लिए सीएचसी, पीएचसी व पुनर्वास केंद्र स्थापित करेगी। आंगनबाड़ी के क्रियाकलापों का पर्यवेक्षण करेगी तथा महिलाओं एवं बच्चों में पोषण की स्थिति को ठीक करने में आंगनबाड़ी की सहायता करेगी। इन सारे इंतजामों के लिए समिति को हर वर्ष सरकारी सहायता दी जाएगी। डिप्टी सीएमओ आरसीएच के अनुसार योजना लागू करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
इंसेट
प्रधान अध्यक्ष तो एएनएम उपाध्यक्ष
हरदोई। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति का संरचना पूर्व समिति की तरह ही होगी। दो अप्रैल 2012 को जारी शासनादेश के अनुसार समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष, एएनएम उपाध्यक्ष होगी। ग्राम सभा के सदस्य इसके भी सदस्य होंगे। समाज सेवी संगठन विशेष आमंत्री व गांव की आशा सदस्य सचिव होगी। कोई नया निर्णय समिति में प्रस्ताव के बाद ही पास हो सकेगा। जिसके लिए बैठक बुलाई जाएगी लेकिन बैठक में विशेष आमंत्रियों को अपना मत रखने का अधिकार होगा लेकिन किसी प्रस्ताव पर वह वोट नहीं दे सकेंगे।
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