कौड़ियों में बिकी थी चीनी मिल

Hardoi Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल में बेंची गई चीनी मिलों के मामले की सपा सरकार द्वारा जांच कराने के निर्देश दिए जाने के बाद इससे जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। बिकने वाली चीनी मिलों में हरदोई की भी चीनी मिल होने से यहां भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। ध्यान रहे कि जिस समय उक्त चीनी मिल करीब 8 करोड़ रुपए में बेंची गई थी तब इसे कौड़ियों के भाव बेंचे जाने की चर्चा रही थी। इतना ही नहीं चीनी मिल की रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी में भी खेल किए जाने पर सवाल उठे थे। तब सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री डा. अशोक बाजपेयी ने सपा के मुखिया मुलायम सिंह के जिले के दौरे पर आने पर उन्हें भी बताया था। तब कहा गया था कि सपा की सरकार आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
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मामले में हरदोई की चीनी मिल की रजिस्ट्री 26 मार्च 2011 को हुई थी। दिल्ली की एक फर्म द्वारा करीब सवा आठ करोड़ में खरीदी गई इस चीनी मिल की रजिस्ट्री के लिए अफसर इतने बेताब थे कि रजिस्ट्री के लिए रात की भी परवाह नहीं की थी। ध्यान रहे कि काफी पुरानी एवं जिले की पहली चीनी मिल की स्थापना निजी क्षेत्र के एक व्यवसायी ने 55 वर्ष पूर्व की थी। बाद में प्रदेश सरकार द्वारा इसका अधिग्रहण कर लिया गया था तथा यह मिल चीनी निगम के आधीन भी चलती रही। फिर करीब बीस साल से बंद पड़ी इस चीनी मिल चालू नहीं हो सकी और उसके बाद बसपा सरकार में वर्ष 2010- 2011 में नीलाम की गई चीनी मिलों के क्रम में इसकी नीलामी हुई। दिल्ली की एक फर्म ने करीब 8 करोड 20 लाख रुपए में इसे खरीदा जिसकी रजिस्ट्री 26 मार्च 2011 को हुई।
बताते है कि इसकी रजिस्ट्री में 56 लाख रुपे स्टांप ड्यूटी दी गई जो कि चीनी मिल की मालियत के हिसाब से काफी कम थी। तब मिल को कौड़ियों के भाव बेंचने एवं स्टांप डयूटी में खेल किए जाने की चर्चाएं रही थीं। अब प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिलों के बेचे जाने मामले की जांच कराने के आदेश के बाद हरदोई चीनी मिल की नीलामी से लेकर उसे दिल्ली की फर्म से खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले में जांच होने के बाद अगर नीलामी प्रक्रिया निरस्त हो गई या फिर नीलामी से लेकर रजिस्ट्री प्रक्रिया तक की पड़ताल हुई तो कई लोगों की गर्दनें फंस जाएंगी। यही कारण है कि यहां जांच की खबर आने के बाद इससे जुड़े लोगों की सांसें अटक गई हैं।
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