‘बूढ़ी काया’ चलाती रही पूरे साल फावड़ा

Hardoi Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
हरदोई। मकसद चाहे खुद का पेट भरने का हो या फिर परिवार का। काया भले ही शरीर का साथ न दे रही हो, पर जज्बा ऐसा बुलंद रहा कि युवा खून भी उनके आगे पूरे साल पस्त सा नजर आया। बीते वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट में कुछ ऐसा ही देखने को मिले। घर की रसोई में चूल्हा जलाने को युवा मजदूरों के साथ ही 60 साल की ऊपर आयु के छह हजार से ज्यादा बूढ़ी काया फावड़ा चलाने में जुटी रही।
शासन को भेजी रिपोर्ट में कुछ ऐसे ही तथ्य देखने को मिले। दो हाथों को काम देने वाली मनरेगा का लाभ भले ही शत प्रतिशत पात्रों व जरूरतमंदों तक न पहुंच पा रहा हो और हकीकत में गोरखधंधा ही योजना पर हावी हो, लेकिन इसके बाद भी यह योजना कई हजार परिवारों का पेट भर रही है। योजना के माध्यम से अपने परिवार की दो जून की रोजी रोटी चलाने को जहां 50 हजार से ज्यादा युवा मजदूरों ने काम किया, वहीं एक उम्र का लंबा पड़ाव पार करने के बाद भी 60 साल के ऊपर के मजदूरों ने भी योजना को अपना व अपने परिवार के भरण पोषण के लिए सहारा बनाया। शासन को भेजी वित्तीय वर्ष 11-12 की रिपोर्ट को देख कुछ ऐसे ही तथ्य सामने निकल कर आ रहे हैं। इससे एक बात तो साफ हो गई कि जिले क ा बुढ़ापा भी इतना कमजोर नहीं है और कहीं न कहीं वह युवा खून को भी मात दे रहा है। रिपोर्ट में मजदूरों की संख्या को आयु वर्ग के हिसाब से बांटने पर पता लगता है कि 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के एक लाख 22 हजार 114 मजदूरों ने पंजीकरण कराकर मनरेगा में काम करने की इच्छा जाहिर की, जिसमें से 50 हजार 232 मजदूर ही फावड़ा चलाते नजर आए। 30 से 40 आयु वर्ग के मजदूरों में दो लाख चार हजार 794 मजदूरों ने रजिस्ट्रेशन कराया और साल भर में 81 हजार 799 मजदूरों ने काम किया, जबकि एक उम्र को पार कर चुके 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के मजदूरों में पूरे जिले में 17 हजार 483 ने पंजीकरण कराया और छह हजार 315 मजदूरों ने काम भी किया। अफसरों के मुताबिक 60 साल की उम्र को पार करने के बाद फावड़ा चलाने का जज्बा बड़ी बात है और इससे बड़ी बात यह है कि नई उम्र के मजदूरों ने पंजीकरण के सापेक्ष काम करने में कम ही रुचि दिखाई, पर 50 से 60 एवं इससे ऊपर की उम्र के मजदूरों का भी मनरेगा सहारा बनी है। सीडीओ एके द्विवेदी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि मजदूरों से काम कड़ाई से लिया जाता है, यदि मजदूर एक उम्र को पार कर गया है और उसमें युवाओं के सापेक्ष क्षमता नहीं है, तो उसे उस तरह का काम दिया जाता है। इधर महिलाएं भी मनरेगा में काम करती हैं, पर उनको भी क्षमता के अनुसार काम दिया जाता है। उधर, साठ साल के ऊपर मजदूरों में अहिरोरी ब्लाक में 741, बावन में 163, बेहंदर में 349, भरावन में 606, भरखनी में 234, बिलग्राम में 318, हरियावां में 280, हरपालपुर में 300, कछौना में 252, कोथावां में 342, माधौगंज में 411, मल्लावां में 150, पिहानी में 363, सांडी में 307, संडीला में 380, शाहाबाद में 285, सुरसा में 311, टड़ियावां में 178 और टोडरपुर ब्लाक में 345 ने कार्य किया। इसके अलावा 18-30 आयु वर्ग में पंजीकरण 1,22,114, काम किया 50,232 ने 30-40 में 2,04,794 काम किया 81,799, 40-50 में 1,37,675 में काम किया 55,642, 50-60 में 62,701 काम किया 25,905 और 60 वर्ष से ऊपर में पंजीकरण 17,483 और 6,315 लोगों ने कार्य किया।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

अखिलेश ने काफिला रुकवाकर की दुर्घटना पीड़ितों की मदद, कहा- हटाए जाएं आवारा पशु

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसमें वो दुर्घटना में घायलों की मदद करते नजर आ रहे हैं।

18 जुलाई 2018

Related Videos

VIDEO: गुस्से में लोगों ने स्कूल में रखा बच्चों का शव, पुलिस के उड़े होश

हरदोई के भरखनी गांव में सरकारी स्कूल के तीन बच्चों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दो बच्चों के शवों को स्कूल परिसर में रखकर प्रदर्शन किया।

13 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen