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‘तेज रफ्तार’ ने छीनीं 30 दिन में 50 जिंदगियां

Hardoi Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। जिले में वाहनों की तेज रफ्तार ने 30 दिनों में 50 की जिंदगी छीन ली। इनमें ज्यादातर घटनाएं युवाओं के साथ घटी। हादसों में डेढ़ सैकड़ा से ज्यादा लोग घायल हुए।
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दिनों दिन बढ़ रही मार्ग दुर्घटनाओं में ट्रैफिक व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। इन पर अंकुश लगाने को ठोस कदम नहीं उठाएं जा रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो ज्यादातर घटनाएं शराब के नशे में वाहन चलाने से हो रही हैं।

जिले के 24 थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक मार्ग दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रही हैं। इनमें ट्रक, बाइक की भिड़ंत में करीब 23 युवाओं की मौत हुई, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली और टेपों पलटने से 15 व शेष अन्य आयु वर्ग के बच्चे और बड़ें शामिल हैं, जबकि करीब डेढ़ सैकड़ा से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
दुर्घटनाओं में बिलग्राम, संडीला, लोनार और कछौना क्षेत्र प्रमुख हैं। इस मार्गों पर स्पीड ब्र्रेकरों का न होना व बेरोकटोक वाहनों के चलने से दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है। अप्रैल में एक पखवाड़े के अंदर करीब 39 मौतें केवल मार्ग दुर्घटना से हुई। इस दौरान सहालगों के चलते ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पलटने की भी दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।
मार्ग दुर्घटनाओं के पीछे प्रमुख कारण नशे में वाहन चलाना माना जा रहा। इस ओर पुलिस भी अंकुश लगाने की कोशिश नहीं करती। लंबे अरसे से थाना क्षेत्रों में वाहन चालकों का ब्रीथ एनलॉइजर टेस्ट (शराब पीने की पहचान का यंत्र) का उपयोग भी नहीं किया गया। टीएसआई दीनदयाल ने बताया कि अधिकांश थानों में ब्रीथ एनलॉइजर मौजूद हैं और जरूरत के अनुसार उपयोग किया जाता है। होली पर इसका विशेष उपयोग होता है, पर अब तक कितने लोग इस उपकरण के माध्यम से पकड़े गए इसका आंकड़ा उन्हें भी नहीं मालूम। बताया कि ट्रैक्टरों पर सवारी भरने का नियम नहीं है, फिर भी लोग सवारियां बैठाकर ले जाते हैं, जिससे हादसे बढ़े हैं। पकड़े जाने पर ऐसे ट्रैक्टर चालकों पर कार्रवाई की जाती है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मानें तो मार्ग दुर्घटनाओं के जो केस अस्पताल में आ रहे, उनमें अधिकांश शराब पीने का कारण निकल रहा है।
शराब पी वाहन चलाने में हो सकती सजा
हरदोई। वकील पीके जैन ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना जुर्म है। पहली बार पकड़े जाने पर मोटर वाहन एक्ट के तहत छह माह की सजा अथवा दो हजार रुपए जुर्माना हो सकता। यदि कोई दूसरी बार भी पकड़ा जाता है तो उसे दो साल की सजा या 3 हजार का जुर्माना भरना होगा, अथवा दोनों की सजा हो सकती है।

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