इन ‘बेचारों’ का क्या कसूर!

Hardoi Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
हरदोई। लावारिस शवों की शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक शव को सुरक्षित रखने का फरमान जिले के नासूर साबित हो रहा है। मोर्चरी में शव को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण शव सड़ रहे हैं। इससे मोर्चरी के आसपास के क्षेत्रों में संक्रामक रोगों के बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन

बताते चले कि लावारिस शवों की शिनाख्त करने के लिए पहले उनको 24 घंटे तक सुरक्षित रखने के आदेश थे। जिसको संशोधित करते हुए अब 72 घंटे तक कर दिया गया है। इस कारण लावारिस शवों को 72 घंटे तक मोर्चरी में सुरक्षित रखा जाता है, पर जिला अस्पताल में मोर्चरी को एनआरएचएम कार्यालय के पास कमरा आवंटित है, जो बरसात में पूरा टपकता है। वहीं कमरे की हालत भी दयनीय है। जिससे वहां पर नेवला और चूहों का बसेरा हो गया है। गर्मी में शव को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे भीषण गर्मी में बहत्तर घंटे तक शव को रखने से सड़ांध उठने लगती है। जिस कारण जिला अस्पताल परिसर में मोर्चरी के आसपास के कार्यालयों में कर्मचारियों को बैठना दूभर हो जाता है।
यह वह लोग कभी भी संक्रामक रोग का शिकार हो सकते हैं। इसके साथ ही मोर्चरी में नेवलों व चूहों के कारण वह शव का क्षत विक्षत भी कर देते हैं, जिससे पहचाना करना और भी दूभर हो जाता है। वहीं शव के सुरक्षित न रहने से पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को भी दिक्कत आती है। इस बाबत सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने बताया कि 72 घंटे तक शव का रखने का उद्देश्य जल्द से जल्द जानकारी कर उसकी शिनाख्त करना है। आधुनिक मोर्चरी व पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us