मिड डे मील की कनवर्जन कास्ट पर घमासान

Hardoi Updated Thu, 21 Nov 2013 05:42 AM IST
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हरदोई। जिले में विद्यालयों में मिडडे मील के लिए कनवर्जन कास्ट न मिलने के कारण शिक्षक संघ और विभाग के बीच घमासान मचा है। आहत शिक्षक संघ ने विद्यालयों में भोजन न बनाने को ऐलान किया है। वहीं विभागीय अधिकारी निरीक्षण कर भोजन न बनवाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहे है। इससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति है वहीं मिड डे मील योजना भी प्रभावित हो रही है।
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मिड डे मील योजना के तहत जिले में 3618 विद्यालयों में विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें परिषदीय प्राथमिक विद्यालय 2544, जूनियर हाईस्कूल 939, समाज कल्याण विभाग से संचालित 14, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, 44 और इंटर कालेज 77 शामिल हैं। भोजन के लिए प्राथमिक विद्यालय में 3.11 रुपये प्रति छात्र और 100 ग्राम अनाज और जूनियर हाई स्कूल में प्रति छात्र 4.65 रुपये और 150 ग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। कनर्वजन कास्ट का प्रयोग तेल, मसाले, सब्जी आदि में किया जाता है। विभागीय निर्देशानुसार विद्यालयोें को अग्र्रिम कनवर्जन कास्ट उपलब्ध कराना होता है। ताकि योजना प्रभावित न हो। मगर महकमा शिक्षा सत्र के साढ़े चार माह बाद भी कनवर्जन कास्ट उपलब्ध नहीं करा सका है। यह तब है जब विभाग के पास कनवर्जन कास्ट के लिए बजट है। इससे शिक्षकों के सामने भोजन बनवाने के लिए आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। विद्यालयोें में एक ओर विभाग कनवर्जन कास्ट नहीं भेज पा रहा है वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी निरीक्षण कर मिड डे मील न बनाने पर शिक्षकों पर कार्रवाई कर रहे है।
मिड डे मील न बनाने के आरोप निलंबित 48 शिक्षकों में से 15 को छोड़ शेष अभी तक बहाल नहीं हो सके हैं। विद्यालयों को कनवर्जन कास्ट न भेजने से आक्रोशित प्राथमिक शिक्षक संघ ने 18 नवंबर से विद्यालयों में भोजन न बनाने का ऐलान किया था। इसका असर विद्यालयों मेें दिखाई देने लगा है। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय की मानें तो अधिकतर विद्यालयों में मिड डे मील बनना बंद हो गया है। इससे विद्यार्थियों को भोजन नहीं मिल पा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि भोजन पकाया जा रहा है। शिक्षकों को विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए वेतन से व्यय करना पड़ा रहा है। मगर अभी तक कनवर्जन कास्ट नहीं पहुंची है।
इस संबंध में बीएसए डा. वीके शर्मा ने शिक्षकाें से अपील की है कि शिक्षक भोजन बनाने में सहयोग करें। कनवर्जन कास्ट भेजने के लिए जिलाधिकारी से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही प्राथमिक विद्यालयों में 5 करोड़ 78 हजार 375 रुपये और जूनियर हाईस्कूलों में 2 करोड़ 99 लाख 7 हजार 239 रुपये की धनराशि स्थानांतरित की जा रही है।


खाना न बनने से भूखे रहे बच्चे
पिहानी (हरदोई)। कनवर्जन कास्ट न मिलने के कारण स्कूलों में अब उधार का खाना भी पकना बंद हो गया है। क्षेत्र के कई स्कूलों में बुधवार को बच्चों को खाना नहीं बना। प्राथमिक शिक्षक समिति के पिहानी ब्लाक अध्यक्ष संजीव कुमार के अनुसार गुरुवार से ब्लाक के स्कूलों में खाना बनना बंद हो जाएगा। जब तक कनवर्जन कास्ट नहीं मिल जाती तब तक अध्यापक खाना नहीं बनवाएंगे। बुधवार को क्षेत्र के समथरी, राभा, पड़रा, बंदरहा, सिमौर, मनिकापुर, अहेमी, रसूलपुर, बंदरहा, रामपुर कोड़ा, डेल पण्डरवा व बहादुरनगर आदि गांवों के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलाें में खाना नहीं बनने से बच्चों को भूखा रहना पड़ा। स्कूलोें में भोजन दिए जाने से बच्चे अकसर बिना खाना खाए ही आ जाते हैं। बुधवार को खाने का समय होने के बाद बच्चों को पता चला कि स्कूलों में खाना ही नहीं बना है। बेचारे बच्चे भूखे पेट ही पढ़ाई करते रहे और घर चले गए। इस संबंध में अध्यापकों का कहना है कि वर्ष 2012 में जनवरी से मार्च तक तीन माह कनवर्जन कास्ट नहीं दी गयी थी। इस बार भी जुलाई से अब तक कनवर्जन कास्ट नहीं मिली है। अब तक अध्यापक उधारी पर खाना बनवा रहे थे। अब तो दुकानदारों ने भी उधार देना बंद कर दिया है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षक समिति के ब्लाक अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि बुधवार को कई स्कूलों में खाना नहीं बना। गुरुवार से ब्लाक क्षेत्र के समस्त स्कूलों में खाना नहीं बनेगा। अध्यापक उधार सामग्री लेकर अब खाना नहीं बनवाएंगे।
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