आलू रूठा, प्याज ने मारी दहाड़

Hardoi Updated Sat, 26 Oct 2013 05:41 AM IST
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‘आलू और प्याज केवल दिल्ली, भोपाल और श्रीनगर को ही नहीं रुला रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश को भी अपने शिकंजे में ले लिया है। यूपी के कई जिलों में जहां प्याज की कीमतें आसमान छू रहीं हैं, वहीं आलू भी अब प्याज की राह पर चल पड़ा है। आलू और प्याज की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से महिलाओं को किचन को व्यवस्थित रखना मुश्किल हो गया है। कहा जाए तो लोगों की रसोई से एक प्रकार से प्याज तो गायब होने की कगार पर पहुंच गया है और जिन लोगों की किचन में प्याज का इस्तेमाल हो रहा, वहां भी इसकी तादाद इतनी कम हो गई है, कि महज छौंक लगाने तक ही सीमित हो गया है। उधर, प्याज की कीमतों में बेेतहाशा बढ़ोतरी से बाजार के जानकारों का कहना है कि जमाखोरी और व्यापारियों की ज्यादा मुनाफा कमाने के चलते यह सब हो रहा है। वैसे भी जहां मंडियों में प्याज और आलू की कीमतों में उछाल है, वहीं फुटकर में खरीदने पर तो लोगों की जेब ही खाली हो रही है, जिससे लोगों ने प्याज और आलू की आमद काफी कम कर दी है।’
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हरदोई। कहते हैं कि भूखे भजन न होय गोपाला जा लेऊ अपनी कंठीमाला अर्थात जीव के लिए भूख शांत होना यानी भरपेट भोजन होना अति जरूरी है, क्योंकि भूखे पेट तो लोगों का मन भगवान की भक्ति में भी नहीं लग पाता है, इसलिए कहा गया है कि भोजन से ही जीव के शरीर को शक्ति मिलती है। ऐसे में लोगों के लिए भरपेट भोजन जरूरी है, पर भरपेट भोजन पर महंगाई की आग का ऐसा तड़का लग रहा है कि लोगों की भूख पर महंगाई रूपी पहाड़ भारी पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा महंगाई इस समय आलू एवं प्याज पर है। इसके साथ ही अन्य सब्जियां भी महंगी होती जा रही है। दीवाली के त्योहार के पहले अचानक बढ़े सब्जियों के दामों ने लोगों के लिए त्योहार का मजा अभी से किरकिरा करना शुरू कर दिया है। प्याज और आलू ऐसी सब्जियां हैं, जिनकी मांग 365 दिन रहती है। ऐसे में कहा जाता है कि सब्जियों का राजा आलू है और प्याज हर दिन की जरूरत है, पर यह दोनों महंगाई की आग से लोगों को झुलसाने लगे हैं, जिससे लोगों के लिए भोजन का स्वाद कसैला होने के साथ ही आम लोगों के लिए भरपेट भोजन मुश्किल भरा होता जा रहा है। सबसे ज्यादा दाम प्याज और आलू के बढ़े है। इन दोनों के दाम छह महीने में पचास फीसदी तक बढ़ गए हैं। छह माह पूर्व प्याज जहां 30 से 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर था, तो अब 60 से 65 रुपये और कहीं-कहीं तो 80 रुपये किलों में बिक रहा है।
इसी तरह से आलू 10 से 12 रुपये में मिलता था और 20 से 22 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। इस तरह से सबसे ज्यादा महंगाई इन दो चीजों पर आई है। जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी आलू को लेकर हो रही है। आलू की बढ़ी कीमतों ने लोगों को भोजन खर्च पर बचत करने को मजबूर कर दिया है। इसके अलावा अन्य सब्जियों के भी दाम बढ़े हैं, जिससे महंगाई की आग ने लोगों के पेट को झुलसा दिया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। हर कोई महंगाई को लेकर परेशान है। उधर, लखनऊ रोड स्थित फल सब्जी मंडी के थोक कारोबारियों के अनुसार थोक भाव में आलू की कीमतें 15 से 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से और प्याज की कीमतें 40 से 45 रुपये प्रति किलो के हिसाब से हैं।
फुटकर में कीमतों को लेकर अलग अलग कारण हो सकते हैं, पर थोक की मंडी में आलू की कीमतों के बढ़ने के पीछे अहम कारण बिहार और बंगाल से आलू की आमद न होना है। मुन्ना, रसीद, चांद मियां आदि व्यापारियों ने बताया कि इस बार सितंबर माह में हुई बेमौसम की बरसात से आलू की अगेती फसल की बुआई नष्ट हो गई है, जिससे किसानाें को आलू की दोबारा बुआई करनी पड़ रही है। जिसकेे कारण आलू के दाम बढ़ गए हैं, मगर जल्द ही गैर प्रांतों के आलू की आमद के साथ कीमतें घटने की उम्मीद है।
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सब्जियाें की कीमतें----
प्याज-60 से 65 प्रतिकिलो, टमाटर-35 से 40, आलू-20 से 22, मटर-90 से 100, गोभी-40 से 45, पत्ता गोभी-40 से 45, शिमला मिर्च-60 से 80, मिर्च-45 से 50, मूली-10 की तीन, धनिया-95 से 100, सोया-25 से 30, पालक-25 से 30, कद्दू-16 से 20, लौकी-15 से 20, जिमी कंद-35 से 40, घुंइया-25 से 30, नीबू-40 से 45, तोरई-27 से 30, भिंडी-28 से 30, परवल-35 से 40, शलजम-16 से 20, करेला-40 से 42, बैगन-22 से 30, अदरक-90 से 100, लहसुन-50 से 60, लोबिया-35 से 40
नोट- सभी आंकड़े बाजार पर आधारित।
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जमाखोरी से बढ़ीं सब्जियों की कीमत
हरदोई। त्योहारों से पहले बढ़े सब्जियों के दामों को लेकर जमाखोरी करना अहम माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि प्याज-आलू के मामले में जमाखोरी करने की संभावनाएं प्रबल है। ऐसा माना जा रहा है कि कोल्ड स्टोरों में किसान प्याज और आलू की निकासी कर चुके हैं और अब ज्यादातर स्थानों पर स्टारों में व्यापारियों का प्याज तथा आलू पड़ा हुआ है। जिनके द्वारा आलू प्याज की कमी का माहौल बनाकर मुनाफाखोरी की जा रही, जिससे यहां भी आलू एवं प्याज के दाम बढ़ गए हैं।
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‘जिले में 23 कोल्ड स्टोरेज हैं, जिनसे 90 प्रतिशत आलू की निकासी हो चुकी है। अभी कही ंसे कालाबाजारी की कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।’ सुनील कुमार, प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी
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‘मंडी में अभी तक जमाखोरी की कोई शिकायत नहीं मिली है, यदि कहीं जमाखोरी कर कालाबाजारी की बात सामने आएगी तो छापामार अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ शिवरतन लाल वर्मा, मंडी सभापति/नगर मजिस्ट्रेट
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