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कागजों पर सीखेंगी छात्राएं हूं-हां-हूं

Hardoi Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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हरदोई। अपनी सुरक्षा एवं दूसरों की छीटाकशी का जवाब देने को जिले की बिटिया को अब दूसरों की ओर आशा भरी निगाहों से न देखना पड़े, इसको लेकर बालिकाओं को भी जूडो व ताइक्वांडो के दांवपेंच सिखाने को परियोजना द्वारा निर्देशित किया गया था, पर जिले में यह योजनाएं कागजों में ही दब कर रह गई हैं। जूनियर व कस्तूरबा स्कूलों की बालिकाएं जहां प्रशिक्षकाें के आने का इंतजार कर रहीं हैं, तो वहीं शिक्षा विभाग ने अब तक प्रशिक्षकों की मांग को लेकर पत्र तक नहीं लिखा है।
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एक माह पहले ही परियोजना की ओर से बताया गया था कि दिल्ली कांड के बाद जहां सुरक्षा एजेंसियां व पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रदेश स्तर पर वूमेन हेल्पलाइन सेवा को शुरू कर दिया गया था, वहीं इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने भी छात्राओं में अपनी सुरक्षा को लेकर गुणों को समाहित करने को न सिर्फ मन बनाया गया था, बल्कि रणनीति तय करते हुए पूरे प्रदेश में योजना को अमली जामा पहनाने को शिक्षा विभाग को निर्देशित कर दिया गया था। परियोजना निदेशक अतुल कुमार के निर्देश जिले में पहुंचने के बाद जिले के शिक्षा विभाग में भी कवायद को शुरू कर दिया गया है।

जूनियर स्कूलों व समस्त कस्तूरबा गांधी स्कूलों की बालिकाओं को जूडो के दांवपेंचों को कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की मानें तो जिले में 484 जूनियर स्कूलों की बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाना है और 20 कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं को भी जूडो के दांवेपेंचो को सिखाकर आत्म निर्भर बनाने को निर्देशित किया गया था। हर स्कूल में तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसको लेकर जिले के क्रीड़ाधिकारी से जूडो का प्रशिक्षण देने वाले ट्रेनरों की मांग करनी थी, पर अब तक जिले के क्रीड़ा विभाग को इसको लेकर कोई पत्र नहीं लिखा गया है।
जब पत्र ही नहीं लिखा गया, तो प्रशिक्षक कहां से मिलेंगे और स्कू लों में कहां से पहुंचेंगे, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो कई योजनाओं की तरह यह योजना भी फाइलों तक ही सीमित रखने की योजना है।
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‘प्रशिक्षण दिया जाना है, इसकी उन्हें जानकारी है, पर बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला।’ अनिमेष सक्सेना, जिला क्रीड़ाधिकारी
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‘ऐसा नहीं कि प्रशिक्षण कहीं गुम हो गया है। शैक्षिक टूर को लेकर फाइल चल रही है। इसके निपटने के बाद इस प्रशिक्षण की कवायद जल्द शुरू होगी।’ जौहरी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा

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