‘अशिक्षा मिटाने आए थे मोहम्मद साहब’

Hardoi Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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पिहानी (हरदोई)। पैगंबरे इसलाम हजरत मोहम्मद का जन्म दिवस बारावफात शुक्रवार को सादगी से मनाया गया। यहां की मसजिदों में उलमा-ए-कराम ने तकरीरों में बताया कि रसूल दुनिया से जिहालत (अशिक्षा) का अंधेरा मिटाने आए थे। आपने जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की और इंसानियत की हिफाजत की खातिर जालिमों से जिहाद किया था। इसलाम दहशतगर्दी का सबसे बड़ा दुश्मन है।
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मसजिद सैयदना फारुके आजम (चौहट्टा) में नमाजे जुमा से पहले मौलाना सगीर अहमद कासमी ने कहा कि रसूल की तालीमात हमें जिहालत के अंधेरे से निकालने वाली हैं। पूरी तरह से हुजूर के मानने वाले बनें। उन्होंने समझाया कि बारावफात पैगंबरे इसलाम के दुनिया में तशरीफ लाने के दिन हैं, तो यही दिन उनकी वफात का भी है, इसलिए हमें इस मौके पर सादगी बरतनी चाहिए। अपनी हदों से आगे बढ़कर कोई भी त्योहार मनाने की इजाजत इसलाम हमें नहीं देता है। अपनी मरजी का नाम दीन नहीं है। उन्होंने सीरते रसूल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आप ऐसे जमाने में तशरीफ लाए थे, जब दुनिया में जिहालत का अंधेरा पसरा था।

अहले अरब बेटियों का पैदा तौहीन समझा करते थे और इसी कारण उन्हें जिंदा दफना दिया करते थे। ऐसे समय में आपने बेटियों को अल्लाह की रहमत कहा और इस बुराई के खात्मे के लिए को आवाज बुलंद की। लोगों को एक अल्लाह की ओर बुलाया। इसके लिए मक्का के काफिर आपकी जान के प्यासे हो गए। आप पर जुल्म किया। आप ने सब्र किया और जब मक्का फतह हो गया, तो डरे सहमे अपने दुश्मनों से बदला लेने की बजाय माफ करना अच्छा जाना। रसूल के यह अमल दुनिया में इंसानियत को फैलाने और दहशतगर्दी के खात्मे को आगे आने का पैगाम देते हैं। आज दुनिया कौम को दहशतगर्दी से जोड़ रही है।
हमें हुजूर मोहम्मद साहब की तर्जे जिंदगी को अपना कर दुनिया को जवाब देना चाहिए कि हम दहशतगर्द नहीं है। मसजिद इस्लामगंज, सिद्दीके अकबर, बड़े कुएं वाली मसजिद, जामा मसजिद व नई बस्ती मसजिद में भी नमाज से पहले उलमा-ए-कराम ने सीरते रसूल की तालीमात पर अमलपैरा होने की नसीहत दी।

जुलूस की आशंका में तैनात रही पुलिस
पिहानी (हरदोई)। बिना अनुमति जुलूस निकालने की आशंका से प्रमुख मसजिदों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बार जुलूस के लिए कोई पूर्व घोषणा नहीं की गई और न ही कोई तैयारी ही की गई थी, पर पूर्व की घटनाओं के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाते हुए संभावित स्थानों, चौराहों और प्रमुख मसजिदों के बाहर पुलिस तैनात की। एसओ विजय यादव व नायब तहसीलदार के साथ ही अफसरान भी हालात पर नजर जमाए रहे।

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