क्लास रूम में सुलग रही स्कूल की रसोई

Hardoi Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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इंटर कालेज के मिड-डे मील में मानकों की धज्जियां
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हरदोई। माध्यमिक स्कूलों में शुरू की गई मिड-डे मील व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आ रही है। आलम यह है कि स्कूलों में बनने वाला भोजन रिक्शों पर ढोकर पहुंचाया जा रहा है। जिससे भोजन की गुणवत्ता पर भी प्रश्न लग रहे हैं। मिड-डे मील योजना के कारण जीआईसी रसोई घर बन कर रह गया है।
स्वयं सेवी संगठनों की मनमानी और स्कूल प्रधानाचार्य के बीच मची खींचतान के कारण छात्रों को मानक के अनुरूप भोजन नहीं मिल पा रहा है। ज्ञात हो कि मिड-डे मील योजना के तहत माध्यमिक स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को पका पकाया भोजन मुहैया कराने की योजना शुरू हुई थी। इस योजना के तहत स्कूल प्रधानाचार्य को मिड-डे मील की व्यवस्था करनी थी। इसके तहत जारी आदेश में कहा गया था कि स्कूल में ही प्रधानाचार्य के निर्देशन में भोजन बनाया जाए। इसके लिए स्कूलों में रसोइयां की भी तैनाती की जानी थी। जिले के 77 स्कूलों में शुरू हुई मिड-डे मील योजना को स्वयं सेवी संगठनों को सौंप दिया गया।

इसके लिए चयनित संस्था के माध्यम से स्कूलों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। पूर्व बीएसए ने स्वयं सेवी संगठनों को मिड-डे मील के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे। जिसके अनुसार भोजन पकाने वाली स्कूल में ही रसोइयां से भोजन पकवाएं और उसका वितरण करे। भोजन की गुणवत्ता की जांच स्कूलों में गठित अभिभावक संघ के सदस्य करें। प्रधानाचार्य के चखने के उपरांत ही भोजन का वितरण किया जाए, मगर जिले में भोजन वितरण करने वाली संस्थाओं की मनमानी जारी है। स्कूलों के स्थान पर एक ही स्थान पर भोजन बनाकर उसका वितरण कराया जा रहा है।
वितरित होने वाले भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। जिसकी स्कूल के प्रधानाचार्यों की ओर से कई बार मिड-डे मील प्रकोष्ठ को शिकायत भेजी जा चुकी है। स्कूलों में छात्रों को निर्धारित मात्रा में भी भोजन नहीं मिल रहा है। शहर में जीआईसी को रसोई घर बना दिया गया है। स्कूल के कक्षों में भोजन पकाया जा रहा और फिर उसका अन्य स्कूलों में वितरण किया जाता है। इससे छात्रों को ठंड भोजन मिलता है। बीएसए के निर्देश भी इन संस्थाओं ने कूडे़ के ढेर में डाल दिए गए हैं।
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शाहाबाद, सांडी, कछौना, भरखनी, पिहानी ब्लाक में मासिता सेवा संस्थान, सुरसा, बावन, हरियावां, नगर क्षेत्र हरदोई में सुगंध सेवा संस्थान, माधौैगंज, मल्लावां, बिलग्राम, हरपालपुर, टोडरपुर, टड़ियावां में प्रकाश शिक्षण संस्थान, कोथावां, बेहंदर, भरावन, संडीला, अहिरोरी में बालाजी ग्रामोद्योग संस्थान को जिम्मेदारी दी गई है।
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इनको दिया जा रहा लाभ
कुल विद्यालय 77
विद्यार्थी 22203
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‘इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं और सुधार न होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।’ मंजू यादव, जिला समन्वयक

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